Farmers Protest LIVE Updates SKM Dilli Chalo March for MSP and other demands from Narendra Modi led BJP NDA Govt Latest News in Hindi Know full details | Farmers Protest LIVE: रेवाड़ी में टोल प्लाजा बंद कर बैठेंगे किसान

Farmers Protest LIVE Updates SKM Dilli Chalo March for MSP and other demands from Narendra Modi led BJP NDA Govt Latest News in Hindi Know full details | Farmers Protest LIVE: रेवाड़ी में टोल प्लाजा बंद कर बैठेंगे किसान


Farmers Protest Reside Updates: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन की शुरुआत 13 फरवरी को हुई. इस प्रदर्शन को 10 दिन होने को आ चुके हैं और अब तक कई घटनाक्रम देखने को मिले हैं. आज किसानों के प्रदर्शन का 10वां दिन है. खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों संग झड़प में एक किसान की मौत हुई है. किसान की पहचान पंजाब के बठिंडा जिले के बालोके गांव के निवासी शुभकरण सिंह (21) के रूप में हुई है. किसानों ने रेवाड़ी टोल-प्लाजा बंद कर बैठने का ऐलान किया है. 

हरियाणा के रोहतक में किसानों के प्रदर्शन को लेकर खाप पंचायतों की बैठक होने वाली है. किसान नेताओं ने कहा था कि दिल्ली चलो मार्च की शुरुआत शांतिपूर्ण होगी, लेकिन जैसे ही इसकी शुरुआत हुई, वैसे ही हिंसक झड़प देखने को मिली है. प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प में 12 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं. झड़प को ध्यान में रखते हुए किसान प्रदर्शन को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. किसान शुक्रवार शाम आगे की रणनीति तय करने वाले हैं. 

किसानों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प को ध्यान में रखते हुए शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. हरियाणा पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर लाठियों के जरिए हमला किया गया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया. पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बॉर्डर पर सख्ती भी बढ़ा दी है. 

हरियाणा में 23 फरवरी तक सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट और एक साथ कई संदेश (एसएमएस) भेजने की सर्विस को रोक दिया गया है. अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर बैन जारी रहने वाला है. किसानों ने कहा है कि सरकार को ऑर्डिनेंस लाकर एमएसपी की कानूनी गारंटी देनी चाहिए. अपनी इसी मांग को लेकर ही किसान दोबारा सड़कों पर उतरे हैं.