ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में 74 से 125 पर पहुंचा भारत, खरगे का मोदी सरकार पर हमला, जानें पाकिस्तान का क्या हाल

ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में 74 से 125 पर पहुंचा भारत, खरगे का मोदी सरकार पर हमला, जानें पाकिस्तान का क्या हाल


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में गिरावट को लेकर सोमवार (6 जुलाई 2026) को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी नीतियों के कारण देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विदेश यात्रा करने वाले और विदेशों में रहने वाले लोग आज भारतीय पासपोर्ट की ताकत और सम्मान को जानते हैं.

भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा: खरगे

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने कहा, ‘मोदी सरकार की नीतियां भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में दावा किया था कि विदेश यात्रा करने वाले और विदेशों में रहने वाले लोग आज भारतीय पासपोर्ट की ताकत और सम्मान को जानते हैं. वह ताकत आखिर दिखाई कहां देती है? तथ्य उनके दावों का समर्थन नहीं करते.’

खरगे के मुताबिक, एक वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में भारत 2013 में 74वें स्थान से जून, 2026 में 80वें स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि एक अन्य वैश्विक पासपोर्ट सूचकांक में भारत को वर्ष 2026 में 125वां स्थान दिया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सेवाओं में सुधार करने के बजाय मोदी सरकार ने पासपोर्ट बनवाना और महंगा कर दिया है. उन्होंने कहा कि पासपोर्ट शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है, जबकि तत्काल सेवा का शुल्क बढ़कर 5,000 रुपये हो गया है.

निचले स्तर पर विदेशी पर्यटकों की संख्या: खरगे

उन्होंने पूछा, ‘भारत आने में आसानी के मामले में भी, विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी कोविड से पहले के स्तर से नीचे है. यह 10.93 मिलियन (2019) से घटकर 9.95 मिलियन (2024) हो गई है. क्या मोदी सरकार NRI के आने की संख्या को विदेशी पर्यटकों के डेटा के साथ मिलाकर इस विफलता को छिपा रही है?’

‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ की रिपोर्ट

मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान ‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ की रिपोर्ट आने के बाद आया है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की रैंकिंग पिछले साल के 124वें स्थान से गिरकर अब 125वें स्थान पर आ गई है. इसका मतलब है कि भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना वीजा (Visa-Free) के सिर्फ 26 देशों की यात्रा कर सकते हैं. इस रैंकिंग में भारत फिलीपींस, मोरक्को, उज्बेकिस्तान और चीन जैसे देशों से पीछे रह गया है, जबकि अजरबैजान और किर्गिस्तान जैसे देशों से आगे है. इसमें पाकिस्तान को 188वां स्थान दिया गया है.

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