केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लोगों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे किसानों, कारोबारियों, कारीगरों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार तक पहुंच मिलने से महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए वैश्विक अवसर बढ़ेंगे, जबकि देश के मूल हितों से कोई समझौता नहीं होगा.
गोयल ने कहा कि 15 जुलाई से लागू होने वाला यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक पहुंच देगा. इसके तहत लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क तत्काल समाप्त कर दिया जाएगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है. इससे भारतीय निर्यातकों को विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बड़ा लाभ मिलेगा. पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.
यह भी पढ़ें : George Kurian: केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की आहट के बीच PM मोदी के मंत्री का इस्तीफा, जानें कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
किसानों की होगी बल्ले-बल्ले
मंत्री के अनुसार, किसानों को प्रीमियम निर्यात बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जबकि उनके घरेलू हित सुरक्षित रहेंगे. मछुआरों को समुद्री उत्पादों के निर्यात में लाभ होगा और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे कृषि निर्यात, किसानों की आय तथा गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रमाणन को बढ़ावा मिलेगा.
कृषि हित रहेंगे सुरक्षित
गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है. डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि यह कदम खाद्य सुरक्षा, घरेलू मूल्य स्थिरता और कमजोर किसान समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है.
उद्योगों को मिलेगी उड़ान
मंत्री ने कहा कि शुल्क-मुक्त पहुंच से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. पारंपरिक कारीगरों, औद्योगिक केंद्रों और छोटे व्यवसायों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी. फुटबॉल, क्रिकेट उपकरण, रग्बी बॉल और खिलौने बनाने वाली भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में तेजी से विस्तार कर सकेंगी. गोयल ने कहा कि तिरुपुर के करघों से लेकर बेंगलुरु की प्रयोगशालाओं, सूरत के हीरा कारीगरों और हैदराबाद के सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों तक, यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के हर महत्वपूर्ण क्षेत्र को नई विकास संभावनाएं प्रदान करेगा.
यह भी पढ़ें : थलापति विजय ने विधानसभा के अंदर की MK स्टालिन की मिमिक्री, द्रविड़ नेता की तरह लहराया हाथ, DMK ने किया वॉकआउट, VIDEO वायरल



