जेवर विधायक को न्योता पर कई दिग्गज छूटे! नोएडा एयरपोर्ट कार्यक्रम में ‘निमंत्रण’ पर मचा बवाल, जानें पूरा मामला

जेवर विधायक को न्योता पर कई दिग्गज छूटे! नोएडा एयरपोर्ट कार्यक्रम में ‘निमंत्रण’ पर मचा बवाल, जानें पूरा मामला


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान के ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है. आरोप है कि कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी बढ़ गई. मामला अब भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच गया है, जिसने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है.

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर, दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, एमएलसी नरेंद्र भाटी और श्रीचंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण नहीं भेजा गया. इसे लेकर पार्टी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है.

वहीं भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया है. सूत्रों के मुताबिक, मामला गंभीर होने पर पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने पूरी जानकारी मांगी है. पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को आमंत्रित किया गया, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की गई, जिससे असंतोष और बढ़ गया.

प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने क्या दी सफाई

इस पूरे प्रकरण पर जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय राज्य मंत्री के आगमन की तैयारियों में शामिल थे और कार्यक्रम का आयोजन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) द्वारा किया गया था. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से एक दिन पहले ही वे ग्रेटर नोएडा पहुंच गए थे. जब उन्हें जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण नहीं मिलने की जानकारी मिली तो उन्होंने यापल अधिकारियों से बात की. अधिकारियों का कहना था कि सभी जनप्रतिनिधियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए थे. उनका सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय है और वह 23 जून को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे.

वहीं पार्टी नेताओं का आरोप है कि एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े अधिकारियों और आयोजनकर्ताओं ने चुनिंदा लोगों को ही प्राथमिकता दी. उनका कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसके बावजूद उन्हें उद्घाटन जैसे महत्वपूर्ण अवसर से दूर रखा गया. भाजपा नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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