IPS Shimala Prasad: मनोरंजन जगत में कुछ ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने 12वीं या ग्रेजुएशन करने के बाद में अपना पूरा फोकस इंडस्ट्री में लगा दिया। लेकिन कुछ ऐसे कलाकार भी है जो कि जितने पर्दे पर प्रभावशाली हैं उतने ही अपने करियर में भी मुकाम हासिल कर चुके हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही शख्सियत के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने सिर्फ मनोरंजन जगत में ही नहीं बल्कि भारतीय पुलिस सेवा की सख्त और जिम्मेदार अधिकारी के तौर पर भी मुकाम हासिल किया। हम बात कर रहे हैं सिमाला प्रसाद की जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर लगन और आत्मविश्वास हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है।

फिल्मों से निकलकर किया UPSC क्रैक
अक्सर देखा जाता है कि फिल्मों या टीवी शोज के लिए पुलिस अधिकारी का किरदार निभाने के लिए अभिनेत्रियां खास ट्रेनिंग लेती हैं। लेकिन सिमाला प्रसाद ने रियल लाइफ में पुलिस की वर्दी पहनी। अभी के वक्त में वह मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत है।
सिमाला प्रसाद ने सिनेमा की दुनिया में भी अपनी एक खास जगह बनाई। साल 2016 में फिल्म अलिफ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनके काम को काफी पसंद किया गया था। इसके बाद 2019 में रिलीज हुई फिल्म ‘नक्काश’ में भी उनको देखा गया था।
सिमाला प्रसाद की फ़िल्मसिमाला प्रसाद एक बार फिर से चर्चा में आ गई है और 12 जून को रिलीज हुई फिल्म द नर्मदा स्टोरी में जबरदस्त अंदाज में दिखाई दे रही है। दरअसल यह एक पुलिस ड्रामा फिल्म है जो सच्ची घटनाओं से प्रेरित होता है। इसमें वह एक मजबूत और ईमानदार जांच अधिकारी की भूमिका निभा रही है।
इस फिल्म में सिमाला प्रसाद के साथ रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी और अंजलि पाटिल जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इस फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश में ही हुई है और इसमें पुलिस सिस्टम के वास्तविक अनुभवों को ईमानदारी से दिखाने की कोशिश भी की गई है।
सिमाला प्रसाद का परिवार
सिमाला प्रसाद का जन्म भोपाल में ही हुआ था और वह एक बहुत ही एजुकेटेड परिवार से आती है। उनके पिता डॉ. भागीरथ प्रसाद 1975 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। सांसद के रूप में भी वह देश की सेवा कर चुके हैं। वह दो विश्वविद्यालय के लिए कुलपति भी रह चुके हैं। उनकी मां एक मशहूर लेखिका हैं जिन्होंने साहित्य के क्षेत्र में बहुत ही अच्छा योगदान दिया और पदम श्री से सम्मानित भी उन्हें किया जा चुका है।
बिना कोचिंग के पहले ही प्रयास में की UPSC क्रैक
सिमाला प्रसाद ने अपने करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग पास करके डीएसपी के तौर पर की थी। लेकिन वह यहीं पर नहीं रुकना चाहती थी और बिना किसी कोचिंग के उन्होंने यूपीएससी 2010 पहले ही प्रयास में क्रैक कर ली थी। वो ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल करके आईपीएस अधिकारी बनी।






