Karishma Tanna shares a major decision regarding parenthood

Karishma Tanna shares a major decision regarding parenthood


Karishma Tanna : अभिनेत्री करिश्मा तन्ना ने अपनी ज़िंदगी के सबसे निजी फैसलों में से एक, यानी माता-पिता बनने के सफर को लेकर खुलकर बात की। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो ‘डबल डेट’ में बातचीत के दौरान करिश्मा ने बताया कि शुरुआत में वह और उनके पति वरुण बंगेरा बच्चा करने को लेकर असमंजस में थे, क्योंकि उस समय दुनिया की परिस्थितियां उन्हें सही नहीं लग रही थीं।

Karishma Tanna

कोविड-19 महामारी से लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्धों तक, दोनों इस बात को लेकर सोचते रहे कि क्या ऐसे समय में बच्चे को इस दुनिया में लाना सही होगा। हालांकि अब करिश्मा और वरुण एक बेटे के माता-पिता हैं।

अपने उस दौर को याद करते हुए करिश्मा ने बताया कि यह फैसला लेना बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने और वरुण ने लंबे समय तक इस बात पर चर्चा की कि क्या उन्हें ऐसे माहौल में माता-पिता बनना चाहिए। करिश्मा ने कहा, “मैं बच्चा नहीं चाहती थी क्योंकि मुझे लगता था कि दुनिया एक और बच्चे के लिए तैयार नहीं है। कोविड था, दुनिया में युद्ध चल रहे थे और चारों तरफ अनिश्चितता का माहौल था। हम सच में इस बात को लेकर उलझन में थे कि क्या हमें अपने बच्चे को ऐसी दुनिया में लाना चाहिए।”

करिश्मा ने आगे बताया कि तमाम डर और सवालों के बावजूद उन्होंने आखिरकार उम्मीद और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “लेकिन फिर आखिरकार हमने फैसला लिया और आज हम यहां हैं। अब हमारी बस यही कोशिश है कि हम अपने बच्चे को सबसे अच्छा जीवन दे सकें।”

करिश्मा की यह भावुक बात उन कई कपल्स की सोच को भी सामने लाती है, जो परिवार शुरू करने जैसा बड़ा फैसला लेने से पहले दुनिया की बदलती परिस्थितियों और भविष्य को लेकर कई सवालों से गुज़रते हैं।

नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में हुई इस दिल से की गई बातचीत में करिश्मा तन्ना ने उन भावनात्मक उलझनों के बारे में खुलकर बात की, जिनका सामना कई लोग जिंदगी के बड़े फैसले लेते समय करते हैं। उन्होंने बताया कि भले ही वैश्विक परिस्थितियों ने शुरुआत में उन्हें पैरेंटहुड को लेकर सोचने पर मजबूर किया, लेकिन आखिरकार उन्होंने उम्मीद के साथ इस नई शुरुआत को अपनाया। अब उनकी सबसे बड़ी इच्छा अपने बेटे को एक सुरक्षित, खुशहाल और बेहतर भविष्य देना है।