Imtiaz Ali calls the burqa and purdah signs of a regressive society; read the full statement

Imtiaz Ali calls the burqa and purdah signs of a regressive society; read the full statement


Imtiaz Ali on Burqa: निर्देशक इम्तियाज अली इस वक्त अपनी फिल्म मैं वापस आऊंगा को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म की काफी तारीफें हो रही हैं और लोग थिएटर्स में इमोशनल हो रहे हैं। लेकिन इस बीच निर्देशक का एक बयान सामने आया है जो कि उन्होंने बुर्का और पर्दा करने वाली महिलाओं को लेकर दिया है।

Imtiaz Ali

इम्तियाज अली खुद मुस्लिम हैं लेकिन उनकी विचारधारा काफी अलग है। चाहें किसी भी मंच से हो वो अपनी राय खुलकर रखते हैं। इस बार उन्होंने बुर्के में रहकर मैं कंफर्टेबल हूं कहने वाली महिलाओं पर हमला बोला है। उनका कहना है कि ये गिरे हुए समाज निशानी है।

इम्तियाज अली का हैरान करने वाला बयान

निर्देशक इस दौरान अनफिल्टर्ड बॉय समदीश से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खुलकर बुर्का और पर्दा प्रथा पर अपनी बात रखी और इसकी निंदा की। इम्तियाज अली को ये सब नहीं पसंद है।

उनका कहना था, ”मुझे ना ये बड़ा नापसंद है कि मैं बुर्के में कंफर्टेबल हूं। मैं पर्दे में कंफर्टेबल हूं। यह एक गिरे हुए समाज की निशानी है, अगर आप ऐसा महसूस करते हैं। यह ठीक नहीं है। इसका मतलब है कि आपके दिमाग में आपका विक्टिमाइजेशन इतना हो गया है, पता नहीं कैसे। मैं किसी को टोक नहीं रहा। मैं कौन होता हूं किसी को टोकने या उस पर सवाल उठाने वाला? मैं बस सहनशीलता और संयम की बात कर रहा हूं। वो होना चाहिए। देखिए, मेरा हालिया सोचना यह है कि संयम रखने वाले लोग कहां चले गए?” इम्तियाज अली का ये बयान वायरल हो रहा है।

हालांकि उनसे कितने लोग सहमत है इसका फैसला तो लोग ही करेंगे। इस समाज में बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो कि बिना दबाव के पर्दा करती हैं और शौक से बुर्का पहनती हैं। इम्तियाज अली एक शानदार निर्देशक हैं और ढेरों अच्छी फिल्में बना चुके हैं।