Delimitation Bill: परिसीमन बिल पर सियासत गरमाई! चंद्रबाबू नायडू के इशारों पर शशि थरूर ने दी तीखी प्रतिक्रिया

Delimitation Bill: परिसीमन बिल पर सियासत गरमाई! चंद्रबाबू नायडू के इशारों पर शशि थरूर ने दी तीखी प्रतिक्रिया


केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन बिल को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है. अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दलों के भीतर टूट और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह चर्चा तेज है कि एनडीए लोकसभा और राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाकर परिसीमन बिल को पास कराने की तैयारी में है. इसी बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है.

एन. चंद्रबाबू नायडू ने संकेत दिए हैं कि भाजपा सरकार नए बदलावों के साथ परिसीमन बिल को दोबारा संसद में पेश कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रस्ताव में दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी. इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार महिला आरक्षण कानून के साथ परिसीमन बिल को फिर से संसद में ला सकती है. उनके अनुसार सरकार की मंशा शुरू से साफ थी कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाए. लेकिन बिल के ड्राफ्ट में कुछ बातें स्पष्ट रूप से नहीं लिखी गईं, जिसे विपक्ष ने बड़ा मुद्दा बना दिया.

ये भी पढ़ें: TMC फंड पर रोक और सुरक्षा में कमी पर हुमांयू कबीर का बयान, बोले- ममता बनर्जी की ऐसी हालत देखकर…

महिलाओं को आरक्षण देना समय की जरूरत-नायडू

नायडू ने कहा कि राजनीति में महिलाओं को आरक्षण देना समय की जरूरत है और वह इसका पूरी तरह समर्थन करते हैं. गौरतलब है कि उनकी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा है और 16 सांसदों के साथ सरकार को समर्थन दे रही है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की मंशा शुरू से ही स्पष्ट थी. संसद में भी कहा गया था कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ेगी और राज्यों के बीच सीटों का अनुपात नहीं बदलेगा. उनके मुताबिक, यह सिर्फ बिल के टेक्स्ट में छूट जाने का मामला था.

संशोधित परिसीमन प्रस्ताव के तहत कई बड़े बदलाव

केंद्र सरकार ने अप्रैल में संसद का विशेष सत्र बुलाकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया था. इस विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 850 करने और परिसीमन को 2011 की जनगणना से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था. हालांकि सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला और बिल पास नहीं हो सका. बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े. इस तरह सरकार 54 वोट से पीछे रह गई. संशोधित परिसीमन प्रस्ताव के तहत कई बड़े बदलावों पर विचार किया जा रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़कर करीब 850 तक पहुंच सकती हैं. साथ ही महिला आरक्षण को भी इसी ढांचे में लागू करने की योजना है.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक उदाहरण देकर समझाया कि भले ही सभी राज्यों की सीटों में समान प्रतिशत से बढ़ोतरी की जाए, लेकिन इसका असली फायदा बड़े आबादी वाले राज्यों को ही मिलेगा.,थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी की सैलरी 2 लाख रुपये है और दूसरे की 20 हजार रुपये, और दोनों की सैलरी में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जाए, तो प्रतिशत के हिसाब से बढ़ोतरी बराबर होगी, लेकिन दोनों के बीच आय का अंतर और बढ़ जाएगा. उन्होंने इसी उदाहरण को सीटों के गणित से जोड़ते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़कर 120 हो जाती हैं और केरल की सीटें 20 से बढ़कर 30, तो प्रतिशत के हिसाब से दोनों राज्यों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई. लेकिन दोनों राज्यों के बीच सीटों का अंतर 60 से बढ़कर 90 हो जाएगा.

ये भी पढ़ें:G7 से लौटते ही सर्जियो गोर तुरंत अमित शाह से क्यों मिले? मोदी-ट्रंप की फोटो डालकर कहा- ‘अमेरिका और भारत…’