ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर बंगाल सरकार को घेर रही TMC और पार्टी के नेता, जानें रिजू दत्ता ने क्या कहा?

ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर बंगाल सरकार को घेर रही TMC और पार्टी के नेता, जानें रिजू दत्ता ने क्या कहा?


पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी से जुड़ा एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जिसे लेकर राज्य की सियासी गलियारों में बवाल मचा है और आरोपों की झड़ी लग गई है. दरअसल, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने गुरुवार (18 जून, 2026) को बंगाल के शुभेंदु अधिकारी सरकार पर ताजा आरोप लगाया है कि कि सरकार ने ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को हटा दिया है. टीएमसी ने इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना करार देते हुए नया निचला स्तर कहा है.

ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर TMC सरकार पर हमलावर

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुवार (18 जून, 2026) को किए एक पोस्ट में कहा, ‘ममता बनर्जी को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. राज्य की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था से किसी कर्मी को हटाए जाने या उसकी जगह किसी अन्य को तैनात किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.’

पार्टी ने कहा, ‘यह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन्हें अलग-थलग करने और खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश है. इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी बनर्जी के रेल मंत्री रहने के समय से उनकी सुरक्षा में तैनात थे.’ 

पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर लगाया आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा है. पार्टी ने कहा, ‘राजनीतिक बदले की भावना का चौंकाने वाला और निचला स्तर. शुभेंदु अधिकारी, आखिर आप क्या साजिश रच रहे हैं? बदले की राजनीति को लेकर आपकी सनक और असुरक्षा की भावना से प्रेरित होकर आपके तरफ से सत्ता का दुरुपयोग करना आपके वास्तविक चरित्र को उजागर करता है. अगर ओछी राजनीति का कोई चेहरा होता, तो वह निस्संदेह आपके जैसा होता.’

ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर बोले डेरेक ओब्रायन

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने इस मामले में पर X प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो पोस्ट किया है. पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी की सुरक्षा में 20 साल से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों (PSOs) को उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि बुधवार (17 जून, 2026) की रात बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था. 

पूर्व CM की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी- सागरिका

वहीं, टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने X पोस्ट में कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की संस्थागत जिम्मेदारी है.’ घोष ने इसे बदले की राजनीति बताते हुए सवाल किया कि दीदी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को अचानक क्यों हटा दिया गया और क्या देर रात उन्हें सुरक्षा के बिना रखा गया?

जबकि पार्टी के एक अन्य नेता मदन मित्रा ने कहा कि ममता बनर्जी अब पूर्व CM हैं, लेकिन दुनिया भर में और देश भर में उनकी इज्जत बचाने के लिए, उन्हें सही सिक्योरिटी दी जानी चाहिए थी, लेकिन हमने CM से इस बारे में बात नहीं की.

ये कहना गलत है कि ममता बनर्जी को सुरक्षा नहीं दी गई- रिजू दत्ता

वहीं, इस मामले को लेकर टीएमसी से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘ये कहना गलत बात है कि उनके (ममता बनर्जी के) घर के बाहर सुरक्षा तैनात नहीं है. ये बिल्कुल गलत बात है, झूठ बात है. क्विज मास्टर की तरफ से जो वीडियो वायरल किया गया था कि ममता बनर्जी की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है, तो मैं साफ कहूंगा कि ये पूरी तरह से झूठ है.’ 

उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है. उनके साथ कई पीएसओ 20 से 25 सालों से तैनात थे. मैं मानता हूं कि इतने लंबे समय में एक परिवार से रिश्ता बन जाता है. अब उनको हटा दिया गया ठीक है, लेकिन उनकी जगह नए PSOs भी तो भेज दिए गए हैं. तो ऐसे में ममता बनर्जी की सुरक्षा से समझौता तो हो नहीं रहा है. इस मामले में इमोशनली एक बात बनती है, लेकिन कानूनी तौर पर इसमें कुछ भी गलत नहीं है.’ 

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