300 फीट की ऊंचाई से धक्का, सीसीटीवी फुटेज और वो एक गलती… सिया के विश्वासघात की पूरी कहानी

300 फीट की ऊंचाई से धक्का, सीसीटीवी फुटेज और वो एक गलती… सिया के विश्वासघात की पूरी कहानी


पुणे के लोहागढ़ किले से जुड़ा यह मामला सिर्फ एक कथित हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे, रिश्तों और विश्वासघात की ऐसी दास्तान है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है. 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था. कहा गया कि ट्रेकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे. लेकिन कुछ ही दिनों में इस कथित हादसे की परतें खुलनी शुरू हुईं और जांच एजेंसियों के सामने ऐसी तस्वीर उभरकर आई जिसने सभी को हैरान कर दिया.

पुलिस जांच के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से नजदीकियां थीं. आरोप है कि दोनों अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन सिया की शादी कुछ महीनों बाद केतन से होने वाली थी. जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, इसी वजह से कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई.

कैफे में मिले सिया और चेतन 

जांच एजेंसियों को मिले सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के अनुसार, 17 जून को पुणे के एक कैफे में सिया और चेतन की मुलाकात हुई थी. पुलिस का दावा है कि इसी मुलाकात के दौरान दोनों ने अगले दिन की योजना पर चर्चा की. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने लोहागढ़ किले के बारे में जानकारी जुटाई और कथित तौर पर यह समझने की कोशिश की कि किसी घटना को हादसे का रूप कैसे दिया जा सकता है. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी.

पुलिस के अनुसार, 18 जून की सुबह सिया ने केतन को लोहागढ़ किले चलने के लिए राजी किया. बताया गया कि वहां दोस्तों की ओर से एक सरप्राइज प्लान किया गया है. केतन पहले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन सिया के आग्रह पर वह मान गया. इसी दौरान चेतन भी अलग रास्ते से लोहागढ़ के लिए रवाना हुआ. जांचकर्ताओं का दावा है कि यह पूरी यात्रा एक सुनियोजित योजना का हिस्सा थी.

सीसीटीवी से हुआ ये खुलासा

लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांच का सबसे अहम आधार बनी. फुटेज में केतन और सिया एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए. बाद में जांचकर्ताओं ने देखा कि कुछ दूरी पर एक अन्य व्यक्ति भी चल रहा था, जिसने अपना चेहरा हुडी से ढक रखा था. पुलिस के अनुसार, बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई. यही वह सुराग था जिसने पूरे मामले को हादसे से हत्या की दिशा में मोड़ दिया.

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इससे पहले भी सिया कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले ले जा चुकी थी. आरोप है कि पहले भी उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई थी, लेकिन उस समय केतन बच गया था. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया का विषय है.

350 फीट गहरी खाई में दिया धक्का

18 जून को किले की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्या हुआ, इसका पूरा सच अभी अदालत के सामने आना बाकी है. लेकिन पुलिस का दावा है कि इसी दौरान केतन को लगभग 350 फीट गहरी खाई में धक्का दिया गया. खाई इतनी गहरी और दुर्गम थी कि वहां तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल था. रेस्क्यू टीम को शव तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. शुरुआत में इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना माना गया, क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से किसी साजिश का कोई संकेत नहीं था.

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब केतन के परिवार ने हादसे की कहानी पर सवाल उठाए. परिवार का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह ऐसी जगहों से परिचित था. परिवार को यह भी असामान्य लगा कि सिया के मोबाइल में उस दिन की कोई तस्वीर नहीं थी और उसके व्यवहार में भी वैसा दुख दिखाई नहीं दे रहा था जैसा किसी मंगेतर की अचानक मौत के बाद स्वाभाविक रूप से दिखना चाहिए.

कैसे आई सच्चाई बाहर?

इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच शुरू की. जांच में सिया और चेतन के लगातार संपर्क में होने की बात सामने आई. इसके बाद चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पुलिस का दावा है कि यहीं से पूरे मामले की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं.

जांचकर्ताओं के मुताबिक, कथित साजिश का सबसे कमजोर लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वही सीसीटीवी फुटेज साबित हुआ जिसमें हुडी पहने व्यक्ति दिखाई दिया था. अगर टिकट काउंटर का कैमरा काम नहीं कर रहा होता, तो शायद यह मामला लंबे समय तक हादसा ही माना जाता. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किले के कई कैमरे बंद थे, लेकिन एक कैमरे ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी.

आज यह मामला सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं रह गया है. यह उस विश्वास की कहानी भी बन गया है जो एक रिश्ते की नींव होता है. केतन जिस लड़की से शादी करने वाला था, उसी पर उसके परिवार और पुलिस की उंगली उठ रही है. दूसरी ओर सिया और चेतन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम सच्चाई अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगी.

फिलहाल पुलिस इस मामले को सुनियोजित हत्या मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, जबकि पूरा देश इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि आखिर एक रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि प्रेम, भरोसा और भविष्य के सारे सपने एक गहरी खाई में जाकर खत्म हो गए.