लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज बुधवार (17 जून) को राजस्थान के कोटा पहुंचे. नीट पेपर लीक मामला और सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की थी, जिसकी शुरुआत आज शिक्षा नगरी कोटा से हो रही है.
राजस्थान के कोटा रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कोटा के लिए निकल चुका हूं पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं उमेश और रिया. सीकर में उमेश और देहरादून में रिया दोनों ने दोबारा नीट की परीक्षा के दबाव में अपनी जिंदगी खत्म कर ली. उन्होंने आगे कहा कि 22 और 23 साल के बच्चे, जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए.
राहुल गांधी ने लिखा कि ये मौतें एक टूटी और भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं. उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदार मोदी सरकार है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की रक्षा करने के बजाय परीक्षा में कुप्रबंध को बढ़ावा दिया और भविष्य के सौदागरों को संरक्षण दिया. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि कोटा से हम उस लड़ाई की शुरुआत करेंगे, जिसका एक ही मकसद है किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी मां-बाप को फिर कभी अपने बच्चे को इस तरह खोना न पड़े.
यह छात्रों के भविष्य की लड़ाई है- राहुल गांधी
कोटा महारैली में छात्रों को आमंत्रित करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि देश के हर युवा से मेरी एक ही बात है कि आज इस देश में मेहनत का फल नहीं मिलता बल्कि सपने देखने की सजा मिलती है. हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा और हर अधूरी भर्ती, यह सब कुछ सिस्टम की विफलता का नतीजा है. राहुल गांधी ने कहा कि जब सरकार छात्रों की बात ना सुनें, तब आवाज बुलंद करनी पड़ती है. इसी मकसद से आप 17 जून को कोटा में जमा हों और हम सब मिलकर हुंकार लगाएं क्योंकि यह छात्रों के भविष्य की लड़ाई है.
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