संसद के मानसून सत्र की शुरुआत कल सोमवार (20 जुलाई, 2026) से होने जा रही है और इस सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित कर सकते हैं. मानसून सत्र कल सोमवार (20 जुलाई) से शुरू होगा और अगले महीने 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा. इसके बाद देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सत्र को स्थगित किया जाएगा, हालांकि, अगर जरूरत पड़ती है, तब संसद फिर से अपना कार्य शुरू कर सकता है.
लोकसभा महासचिव ने जारी की बुलेटिन
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा के महासचिव ने एक बुलेटिन जारी किया है, इस बुलेटिन में सरकार की तरफ से सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आने वाले सत्र में केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में FCRA विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को पेश किए जाने की उम्मीद है.
सरकार की तरफ से FCRA कानून में क्या किया जा रहा बदलाव?
केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में पेश किए जाने वाले FCRA विधेयक, 2026 में किसी भी ऑर्गनाइजेशन के FCRA सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को खत्म करने, रिन्यू न करने और सरकार की तरफ से सर्टिफिकेट को रिन्यू करने से मना करने का भी प्रावधान किया गया है.
यह विधेयक हाल ही में केरल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान विवाद के एक बड़े मुद्दे के रूप में सामने आया था. दरअसल, केरल में ईसाई समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, जिनसे संबंधित कई NGO और संस्थाएं FCRA के तहत विदेशों से पैसे हासिल करते हैं.
सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के साथ की बैठक
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार (19 जुलाई, 2026) को केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई. बैठक में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन और सरकार के विधायी एजेंडों से संबंधित बातों को विस्तार से चर्चा की गई.
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