Waqf Amendment Act: वक्फ संशोधन कानून के समर्थन में भी सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल होना शुरू हो गया है. दिल्ली के रहने वाले सतीश अग्रवाल नाम के याचिकाकर्ता ने वकील बरुन सिन्हा के जरिए याचिका दाखिल की है. इस याचिका में वक्फ कानून में हुए बदलाव को सही और न्यायपूर्ण कहा गया है. याचिकाकर्ता ने मामले में पक्ष बनाने की मांग की है. अभी इस तरह की और याचिकाएं दाखिल हो सकती हैं.
केंद्र सरकार ने दाखिल किया कैविएट
केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है. केंद्र ने शीर्ष अदालत से किसी भी आदेश से पहले अपना पक्ष सुने जाने की मांग की है. चूंकि वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने वाली याचिकाओं में कानून पर रोक लगाने की भी मांग की गई है, ऐसे में सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि बिना उसका पक्ष सुने कोर्ट कोई एकतरफा आदेश न दे.
वक्फ कानून के विरोध में 20 याचिकाएं
वक्फ कानून के विरोध में अब तक लगभग 20 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं. अब उसके समर्थन में याचिकाओं का दाखिल होना शुरू हो चुका है. ऐसे में अगर सुप्रीम कोर्ट मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार करता है तो यह कानूनी लड़ाई लंबी चल सकती है. सुप्रीम कोर्ट में मामले की पहली सुनवाई 16 अप्रैल को होने की संभावना है.
राष्ट्रपति ने 5 अप्रैल को दी थी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी थी, जिसे पिछले हफ्ते संसद के दोनों सदनों में लंबी चर्चा के बाद पारित किया गया था. जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत कई मुस्लिम संगठन नए वक्फ कानून का विरोध कर रहे हैं और इसे मुलसमानों से भेदभाव करने वाला बता रहे हैं.



