satluj screening in gurudwara and markets after getting removed from OTT

satluj screening in gurudwara and markets after getting removed from OTT


Satluj Screening In Gurudwara: दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज ने सोशल मीडिया पर बवाल काट रखा है। फिल्म जहां कई साल रिलीज के तरसती रही तो वहीं ओटीटी पर होते ही 48 घंटों में फिल्म को हटाने के आदेश आ गया। अब इस फिल्म को देखने की हट और दर्शकों में और ज्यादा पनप उठी है। ऐसे में फिल्म की स्क्रीनिंग अब थिएटर्स से परे दबाकर हो रही है।

Satluj Screening In Gurudwara

गुरुद्वारों में सतलुज की स्क्रीनिंग

गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर्स से इस फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान हो रहा है। जी हां, गुरुद्वारों में इस फिल्म की स्क्रीनिंह हो रही है। पंजाब भर में कई जगहों पर गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर्स से फिल्म की दिखाने का ऐलान किया जाता है। शाम 7 बजे तक लोग आने लगते हैं। वे अपने जूते बाहर उतारते हैं, गुरुद्वारे के अंदर जाने से पहले सिर ढकते हैं या गांव के कम्युनिटी एरिया में अपनी जगह पर बैठ जाते हैं। दिलचस्प बात ये है कि मोगा शहर में तो फिल्म की स्क्रीनिंग मुख्य बाजार में भी की गई।

दिलजीत दोसांझ ने ठुकराई 127 कट्स की डिमांड

जानकारी के लिए आपको बता दें कि दिलजीत दोसांझ स्टारर ये फिल्म पिछले काफी समय से सुर्खियों में थी। दरअसल, सीबीएफसी ने फिल्म में 127 कट्स लगाने की मांग कर दी थी। इन कट्स में फिल्म के टाइटल से ‘पंजाब’ हटाने, हीरो का नाम बदलने, भारतीय झंडे के सीन हटाने और पंजाब पुलिस का जिक्र न करने जैसी शर्तें शामिल थीं।

ओटीटी से हटाई गई फिल्म

निर्देशक हनी त्रेहान ने उस वक्त कहा था कि अगर 127 कट्स लगा दिए गए तो फिल्म से सिर्फ ट्रेलर ही बचेगा। उन्होंने साफ कहा था कि इतने कट्स के बाद ये फिल्म उनकी या दिलजीत की नहीं रहेगी। हालांकि, मेकर्स ने हार नहीं मानी। निर्देशक हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने सेंसर बोर्ड की मांग को ठुकरा दिया। तीन साल से लंबे के इंतजार के बाद आखिरकार फिल्म जी5 पर रिलीज हुई। लेकिन फिल्म 48 घंटे में ओटीटी से हटा दी गई। इस फिल्म के हटने से सिख समाज भड़क गया है।