Sanjay Mishra Once Washing Cups For Rs 150 At A Rishikesh Dhaba After Losing His Father

Sanjay Mishra Once Washing Cups For Rs 150 At A Rishikesh Dhaba After Losing His Father


Sanjay Mishra On Struggling Days: बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता संजय मिश्रा ने ‘भूल भुलैया” से लेकर ‘धमाल’ और ‘गोलमाल’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। वह अपनी कॉमिक टाइमिंग और दमदार एक्टिंग से फैंस का दिल जीत लेते हैं।

Sanjay Mishra

अभी के वक्त में संजय मिश्रा एक सफल एक्टर बन चुके हैं। चाहे फिर छोटा हो या बाद वह हर किरदार में अपनी छाप छोड़ देते हैं। लेकिन एक ऐसा वक्त भी था जब संजय मिश्रा बहुत ही बुरे वक्त से गुजरे थे और वह एक ढाबे पर बर्तन तक भी धो चुके हैं।

मुंबई छोड़कर ऋषिकेश भाग गए थे संजय मिश्रा

संजय मिश्रा अपनी निजी जिंदगी की समस्याओं से इतनी ज्यादा परेशानियों में जूझ रहे थे कि उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक ले लिया था। मुंबई छोड़कर शांति की तलाश में ऋषिकेश चले गए थे। इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पिता के निधन के बाद वह पूरी तरीके से टूट गए थे।

संजय मिश्रा ने इंटरव्यू के दौरान बात करते हुए बताया था कि “मैं बहुत ज्यादा बीमार हो गया था और डॉक्टरों ने मेरे पेट से 15 लीटर पस निकाला था। जैसे ही मेरी तबीयत सही हुई तो मेरे पिता का निधन हो गया। मैं अपने जीवन से बहुत ही ज्यादा थक चुका था और इसी वजह से ऋषिकेश भाग गया। मैं तब बिल्कुल फ्री था और मेरा दिमाग भी काम नहीं कर रहा था।”

ढाबे पर मांजे बर्तन

संजय मिश्रा ने आगे बात करते हुए कहा कि “गंगा किनारे बने हुए एक ढाबे पर मैं ऑमलेट बनाने लगा था। ढाबे के मालिक ने मुझे कहा था कि तुम्हें एक दिन में 50 कप धोने होंगे। जिसके लिए मुझे ₹150 मिलेंगे और मैं इस काम के लिए तैयार भी हो गया था।”

मुश्किल से बचे थे संजय मिश्रा

एक्टर ने इस पर आगे बात करते हुए बताया कि “बीमारी के समय पर वह बहुत मुश्किल से बचे थे। डॉक्टर ने भी कह दिया था कि अगर ऑपरेशन सक्सेसफुल नहीं होता है तो मेरे बचने के चांस बहुत कम है। मैं सर्जरी से रिकवर हो रहा था और जैसे ही मुझे हॉस्पिटल से छुट्टी मिली तो मेरे पिता का निधन हो गया।”

एक्टर के साथ पिता की आखिरी बातचीत

संजय मिश्रा ने अपने पिता के साथ आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि “पिता ने कहा था कि कैसे तुम तीन दिन पुराना चिकन खा सकते हो? तो इसके जवाब में मैंने कहा था कि आपकी नसीहत की जरूरत नहीं है।”

संजय मिश्रा की माने तो वह सुकून की तलाश में कई बार आध्यात्मिक शहरों में चले जाते हैं। अचानक से गायब हो जाते हैं और किसी का फोन भी नहीं उठाते हैं। वह अपने दिमाग को फ्री रखना पसंद करते हैं।

संजय मिश्रा का वर्कफ्रंट

अगर हम संजय मिश्रा के वर्क फ्रंट की बात करें तो आपको बता दें की फिल्मों के साथ-साथ वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी काफी अच्छा काम कर रहे हैं। अभी के वक्त में वह काफी लैविश लाइफ जीते हैं और करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।