आंध्र प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पोलावरम परियोजना पर तेजी से काम जारी है. इस बीच, गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को केंद्रीय मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा, राज्य मंत्री सत्य कुमार यादव, कई सांसद-विधायक, विधान परिषद सदस्यों और भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना का दौरा किया. परियोजना के दौरे के बाद आंध्र प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पीवीएन माधव ने परियोजना की प्रगति देखकर हर्ष जताया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग से पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश की तस्वीर बदल देगी. परियोजना की प्रगति देखकर हमें बहुत खुशी हुई है. दाहिनी और बाईं दोनों नहरों का निर्माण पूरा हो चुका है.
अब तक परियोजना के कई महत्वपूर्ण चरण हो चुके पूरे- माधव
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने कहा, ‘आज हमें राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित की जा रही बहुआयामी पोलावरम परियोजना का दौरा करने का सौभाग्य मिला है. साल 2014 में एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना को नई गति मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों का आंध्र प्रदेश में विलय हो, इससे परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ.’
उन्होंने कहा, ‘पोलावरम को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया. इसके लिए अध्यादेश जारी किया गया. आंध्र प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ा और अब तक कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए जा चुके हैं. मुख्य स्पिलवे का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जबकि अर्थ-कम-रॉकफिल डैम का निर्माण कार्य जारी है.’
कार्य प्रगति संतोषजनक है, बचा हुआ काम भी जल्द पूरा होगा- माधव
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज हमने परियोजना का दौरा किया. परियोजना की प्रगति देखकर हमें खुशी हुई. दाहिनी और बाईं दोनों नहरों का निर्माण पूरा हो चुका है. कल बुधवार (15 जुलाई, 2026) को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा-गोदावरी नदी जोड़ो कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने यह भी घोषणा की कि 10 अगस्त से बाईं नहर के माध्यम से गोदावरी का पानी अनकापल्ली तक पहुंचाया जाएगा.’
उन्होंने कहा, ‘हमने बाईं नहर, हेड रेगुलेटर और अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया. कार्य की गति संतोषजनक है और हमें विश्वास है कि शेष कार्य भी शीघ्र पूरे हो जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर आंध्र सुजला श्रावंती योजना के तहत उत्तर आंध्र क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे लगभग पांच लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी.’
परियोजना के पूरा हो जाने के बाद कई राज्यों को मिलेगा फायदा
पीवीएन माधव ने कहा, ‘विशाखापट्टनम को पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए लगभग 23.44 टीएमसी पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जो इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि होगी. यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्ण सहयोग से संभव हो पाया है. केंद्र सरकार अब तक इस परियोजना के लिए लगभग 30,500 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है. इसके अतिरिक्त, लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से 960 मेगावाट जलविद्युत परियोजना विकसित की जा रही है. साथ ही इस परियोजना में नेविगेशन चैनल का भी प्रावधान है.’
उन्होंने कहा, ‘इस पहल के तहत भविष्य में कई अन्य सिंचाई परियोजनाएं भी शुरू होने की उम्मीद है. पोलावरम परियोजना केवल आंध्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि गोदावरी का लगभग 80 टीएमसी पानी रायलसीमा की ओर मोड़कर कृष्णा बेसिन को भी स्थिरता प्रदान करेगी. इसके साथ ही तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को भी गोदावरी नदी के जल के बेहतर उपयोग से लाभ मिलेगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए कार्य कर रही है और आज इसकी प्रगति देखकर हमें अत्यंत प्रसन्नता हुई. परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और विस्तृत जानकारी देने के लिए हम एमईआईएल (MEIL) का भी आभार व्यक्त करते हैं.’
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