‘PM मोदी समिट का फायदा उठाने में रहे नाकाम’, जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस ने दिया बड़ा बयान

‘PM मोदी समिट का फायदा उठाने में रहे नाकाम’, जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस ने दिया बड़ा बयान


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (17 जून, 2026) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 समिट के इतर द्विपक्षीय बैठक की, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार (18 जून, 2026) को अपनी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस पार्टी ने कहा कि हमें इस बात की उम्मीद थी कि पीएम मोदी इस बैठक का फायदा उठाएंगे और भारत की ऊर्जा संप्रभुता, आर्थिक हितों और रणनीतिक ऑटोनोमी का पूरी दृढ़ता के साथ बचाव करेंगे, लेकिन इस समिट के दौरान ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया.

दावों और नतीजों के बीच खाई को दर्शाता है ये समिट- खुर्शीद

कांग्रेस पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने गुरुवार (18 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के जी-7 समिट को लेकर फ्रांस यात्रा पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है. जिसमें पार्टी ने कहा, ‘कांग्रेस को उम्मीद थी कि पीएम मोदी फ्रांस में आयोजित जी-7 समिट का इस्तेमाल ग्लोबल साउथ में भारत की लीडरशिप भूमिका को स्थापित करने और भारत की ऊर्जा संप्रभुता, आर्थिक हितों और रणनीतिक ऑटोनोमी का दृढ़ता से बचाव करने के एक मौके की तरह करेंगे, लेकिन यह समिट सिर्फ दावों और नतीजों के बीच एक परेशान करने वाली खाई को दर्शाता है.’

मोदी-ट्रंप की बैठक पर क्या बोले खुर्शीद?

सलमान खुर्शीद ने जी-7 समिट में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक को लेकर भी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी बैठकों में उनके साथ गहरी दोस्ती के दावों के बावजूद, पीएम मोदी न तो भारत की ऊर्जा संप्रभुता की रक्षा के लिए राष्ट्रपति के सामने कोई स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया और न ही OFAC से ऐसा सैंक्शन वेवर हासिल कर पाए, जिससे रूस से तेल के आयात को जारी रखा जा सकता था.’ 

उन्होंने कहा, ‘यह एक गंवाया हुआ मौका है और भारत की ऊर्जा संप्रभुता से जुड़े मामलों में भाजपा सरकार के बार-बार किए गए समझौतों को और बढ़ाता है (पहले ईरान और वेनेजुएला से रियायती दाम पर तेल खरीद को बंद कर और उसके बाद रूस से आयात में कटौती कर). इसका नतीजा ये हुआ कि भारतीयों को ऊंचे दामों पर ईंधन मिलता रहेगा और उपभोक्ता महंगाई का बोझ उठाता रहेगा.’

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोले कांग्रेस नेता

पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने इस दौरान भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय भी रहस्य ढंग से चुपचाप बैठे रहे, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अप्रत्यक्ष रूप से यह दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर कराने में उनकी भूमिका रही थी.

उन्होंने कहा, ‘इस तरह की चुप्पी को या तो राष्ट्रपति के दावों के सामने मौन स्वीकृति माना जा सकता है या फिर सार्वजनिक रूप से उस बात का खंडन करने की इच्छा ने होने के तौर पर ही देखा जा सकता है. इससे भारत की उस दीर्घकालिक विदेश नीति के सिद्धांत को भी नुकसान पहुंचता है, जिसके मुताबिक द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाता है.

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