दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म ‘धुरंधर’ की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। यह पूरा कानूनी विवाद मशहूर गाने ‘तिरछी टोपीवाले’ के कॉपीराइट को लेकर है। कोर्ट ने फिल्म की डिजिटल स्क्रीनिंग पर अंतरिम रोक लगाने की मांग ठुकरा दी है। इस फैसले के बाद अब यह फिल्म ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर बनी रहेगी। यानी कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद दर्शक फिलहाल इस फिल्म को देख सकेंगे।
विवाद की मुख्य वजह इस क्लासिक गाने के अनधिकृत इस्तेमाल के आरोप हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि फिल्म ने उनके बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP Rights) का उल्लंघन किया है। हालांकि, अदालत को फिलहाल पूरी फिल्म के प्रदर्शन को रोकने का कोई ठोस कारण नहीं मिला। इससे फिल्म के प्रोड्यूसर्स और स्ट्रीमिंग पार्टनर्स को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि रिलीज के शुरुआती दौर में फिल्म रुकने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता था।

‘तिरछी टोपीवाले’ गाने पर छिड़ी कानूनी जंग के मायने
कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाते समय ‘सुविधा के संतुलन’ (balance of convenience) पर गौर किया। अदालत ने माना कि ऐन वक्त पर रिलीज रोकना निवेशकों के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अब यह केस मुख्य रूप से हर्जाने (monetary damages) पर केंद्रित होगा। अगली सुनवाई में म्यूजिक राइट्स से जुड़ी बारीकियों की जांच की जाएगी। फिलहाल, इंटरनेट से फिल्म के किसी भी क्लिप या गाने को नहीं हटाया जाएगा।
| मुख्य पहलू | कोर्ट के फैसले की स्थिति |
|---|---|
| स्ट्रीमिंग की स्थिति | जारी रखने की अनुमति मिली |
| अंतरिम रोक | याचिका खारिज कर दी गई |
| अंतिम फैसला | सुनवाई अभी जारी है |
‘धुरंधर’ की स्ट्रीमिंग पर अब क्या होगा असर?
प्रोडक्शन हाउस को अब भविष्य की अदालती कार्यवाही के लिए अपने इस्तेमाल के अधिकारों से जुड़े दस्तावेज पुख्ता करने होंगे। अगर बाद में कोर्ट कॉपीराइट का उल्लंघन पाता है, तो मेकर्स को रॉयल्टी फीस चुकानी पड़ सकती है। यह फैसला उन अन्य फिल्मों के लिए भी एक मिसाल बनेगा जो पुराने गानों (retro music) का इस्तेमाल करती हैं। अब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और म्यूजिक लेबल्स को अपने लाइसेंसिंग कॉन्ट्रैक्ट्स को बहुत बारीकी से जांचना होगा। जानकारों का मानना है कि गाने के कमर्शियल मालिकाना हक को लेकर यह कानूनी लड़ाई लंबी चल सकती है।
कानूनी विवाद के बावजूद यह फिल्म पूरे भारत में दर्शकों के लिए उपलब्ध है। कोर्ट आने वाले हफ्तों में इस मामले पर फिर से सुनवाई करेगा। फैंस बिना किसी तकनीकी रुकावट के फिल्म और इसके संगीत का आनंद लेना जारी रख सकते हैं। यह मामला डिजिटल युग में म्यूजिक राइट्स की बढ़ती पेचीदगियों को उजागर करता है। साथ ही, यह कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक सबक भी है कि वे काम शुरू करने से पहले सभी जरूरी कानूनी अनुमतियां जरूर ले लें।



