केरल में हो रही भारी बारिश के चलते पैदा हुए हालात के मद्देनजर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन लगातार राजस्व मंत्री और अन्य मंत्रियों के संपर्क में हैं. मंत्री अलग-अलग जिलों में प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों का समन्वय कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने हालात का जायजा लेने और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी के लिए सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों के विधायकों और अन्य जन-प्रतिनिधियों से भी बात की है. शाम 6:00 बजे तक आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता हैं. जन-प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मदद से कई एजेंसियां मिलकर खोज अभियान चला रही हैं.
17 घर पूरी तरह बर्बाद
राज्य में कुल 65 राहत कैंप खोले गए हैं, जिनमें 1,465 लोगों को आश्रय दिया गया है. जरूरत पड़ने पर और लोगों को राहत कैंपों में ले जाने के इंतजाम किए गए हैं. 17 घर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जबकि 127 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. जिन इलाकों में दिन में भारी बारिश हुई थी, वहां शाम तक बारिश कम होने से लोगों को राहत मिली है. बचाव कार्यों को और मजबूत करने के लिए जरूरत के हिसाब से दूसरे जिलों से नावें मंगवाई गई हैं. अलग-अलग बांधों में पानी के बहाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
35 घंटों में 340 मिमी बारिश
कोझिकोड जिले के अनाक्कम्पोयिल इलाके में पिछले 35 घंटों में 340 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि वायनाड जिले के मेप्पाडी में 177 मिमी बारिश हुई. राज्य सरकार ने कहा है कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों से सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है.
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