Mahima Makwana Struggle Story: काफी सारे ऐसे लोग हैं जो और फिल्मों में या टीवी शोज में सिर्फ और सिर्फ अपने सपने को पूरा करने के लिए आते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बताएंगे जो अपने परिवार की मदद करने के लिए एक्टिंग में आई। हम बात कर रहे हैं महिमा मकवाना की।

महिमा मकवाना इस समय अपनी न्यू वेब सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ को लेकर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म से लेकर फिल्म और टीवी शोज में भी जमकर काम किया और अपनी एक पहचान बनाई। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि वह अपनी मर्जी से नहीं बल्कि हालातो के चलते एक्ट्रेस बनी।
छोटी सी उम्र में उठा पिता का साया
2021 में रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट के दौरान महिमा मकवाना के इस पर बात करते हुए बताया था कि “मैं सिर्फ 5 महीने की थी तो मेरे पिता का निधन हो गया था। तब मेरी मां एक एनजीओ में काम किया करती थी। मेरे भाई की उम्र तब 9 साल की थी और मेरी मां हमेशा से एक अभिनेत्री बनना चाहती थी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया और इसी वजह से उन्होंने मुझे एक्टिंग की तरफ भेज दिया।”
महिमा मकवाना आगे बताती है कि “मैं 9 साल की उम्र में ही ऑडिशन देने लग गई थी और मैं अपनी मां से यही कहती थी कि मुझे एक्टिंग नहीं करनी है। और मैं स्कूल का आधा दिन पढ़ कर बस से ऑडिशन देने जाया करती थी। इसके बाद काफी थक जाती थी और फिर भी मां मुझे लगातार आगे बढ़ाती रही।”
स्कूल लाइफ नहीं जी पाई महिमा मकवाना
एक्ट्रेस में आगे बात करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में आने की सबसे बड़ी वजह यह भी थी कि “मैं अपने परिवार का सहारा बनना चाहती थी।” इस जिम्मेदारी की वजह से अभिनेत्री का बचपन भी छिन गया और उन्होंने स्कूल या कॉलेज की जिंदगी वैसी नहीं जी जैसे दूसरे बच्चे जीते हैं। अभिनेत्री के घर में कमाने वाला भी कोई नहीं था। वह चॉल में रहा करते थे और समाज-रिश्तेदार भी उन्हें नीची नजरों से देखा करते थे।
14 साल की उम्र में लिया अपना घर
महिमा मकवाना ने यह भी बताया था कि एक दिन उनकी मां ने उन्हें कहा था कि उनके इस दुनिया से जाने से पहले उनकी यही ख्वाहिश है कि उनके पास में अपना घर हो। अभिनेत्री को साल 2012 में ज़ी टीवी के शो ‘सपने सुहाने लड़कपन के’ से खास पहचान मिली थी। तब वह सिर्फ 13 साल की थी। लेकिन शो की सफलता के चलते कुछ ही वक्त में उनके परिवार की आर्थिक हालत काफी ज्यादा सही हो गई थी।
महिमा मकवाना बताती है कि “उसके बाद में मैंने अपना पहला घर खरीद लिया था। मैं तब सिर्फ 14 साल की थी और मैंने मीरा रोड में अपना घर लिया था। अपनी पहली गाड़ी ली थी। मैंने अपनी जिंदगी के सुनहरे दिन यानी कि स्कूल के दिन खो दिए थे। मैं सिर्फ एग्जाम देने के लिए स्कूल जाया करती थी और मैं इस दौरान काफी जल्दी बड़ी हो गई थी।”
चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर दिए जाते थे कम पैसे
महिमा मकवाना ने टीवी इंडस्ट्री में पहले कई साल तक तो चाइल्ड आर्टिस्ट और जूनियर एक्टर के तौर पर काम किया। शुरुआती वक्त में तो उन्हें कई बार निराशा भी हासिल हुई। एक्ट्रेस ने बताया कि चाइल्ड आर्टिस्ट को कई बार कम पैसे मिलते थे। कई बार जो फ़ीस बताई जाती थी उसका सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिया जाता था।
सेट पर की गई बेज्जती
महिमा मकवाना के मुताबिक बालिका वधू के सेट पर भी उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा और एक्ट्रेस ने बताया कि एक डायलॉग के वक्त डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि अगर तुम्हें एक्टिंग नहीं आती है तो तुम यहां पर क्यों हो। लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार काम करती रही।



