कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का सदन में मंगलवार (28 जुलाई) को दिया भाषण सुर्खियां बटोर रहा है. उन्होंने अपने भाषण में कई बातों का जिक्र किया, लेकिन जिस पर सभी की निगाहें अटक गईं, वो नाम था IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटी. जिन्हें ‘गोमूत्र एक्सपर्ट’ कहे जाने का मामला गरमा गया है. अब कामकोटी के एजुकेशन बैकग्राउंड से जुड़ी जानकारी सामने आई है.
प्रो. वी. कामकोटी देश के कंप्यूटर साइंटिस्ट हैं. उन्होंने देश के आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) में एमएस और पीएचडी किया है. 2001 में बतौर फैकल्टी उन्होंने आईआईटी मद्रास ज्वाइन किया था. इसके अलावा 2002 में आईआईटी मद्रास में डायरेक्टर बने थे. प्रोफेसर कामकोटी ने इन्फोर्मेंशन सिक्योरिटी, VLSI डिजाइन और कंप्यूटर आर्किटेक्चर में विशेषज्ञता हासिल की है.
इन जिम्मेदारियों को निभा चुके हैं कामकोटी
इसके अलावा उन्होंने आईआईटी मद्रास में JEE के अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी एंड स्पॉन्सर्ड रिसर्च के एसोसिएट डीन के तौर पर अपनी सेवाएं दी है. इसके अलावा कई इंटरनेशनल जर्नल्स और सम्मेलनों में उनके 150 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश हो चुके हैं. इसके अलावा पीएचडी और मास्टर ऑफ साइंस के रिसर्च स्कॉलर्स को उन्होंने गाइड भी किया है. इनके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई हैं.
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वर्तमान में वह आईआईटी मद्रास में माइक्रो प्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम, इन्फ्रॉर्मेंशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम को लीड कर रहे हैं. साथ ही वह नेशनल सिक्योरिटी बोर्ड के मेंबर भी हैं. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के चैयरमैन रह चुके हैं. इसके अलावा वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, आरबीआई की टेक्नोलॉजी में अपनी सर्विस दे रहे हैं. उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं. इनमें डीआरडीओ एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड समेत कई अवॉर्ड मिल चुके हैं.
किस बयान का जिक्र प्रियंका गांधी ने किया है?
दरअसल, जिस बयान का जिक्र प्रियंका गांधी ने किया, उससे जुड़ा मामला 2025 का है. चेन्नै की एक गौशाला में माट्टू पोंगल प्रोग्राम के दौरान बोलते हुए कामकोटी ने दावा किया था गौमूत्र बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने के गुण होते हैं. यह पाचन के लिए फायदेमंद होता है. साथ ही कहा था कि पाचन की समस्या जैसे इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का इलाज हो सकता है. उस समय उनका यह बयान चर्चा का विषय बना था.
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