दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के मार्च के दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के साथ जमकर झड़प हुईं. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आ रही है. इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि देश में शांतिपूर्ण विरोध करना लोगों का मौलिक अधिकारी है.
जवाबदेही जरूर तय की जाएगी: राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है. भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आंखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें. संविधान ही आपका मालिक है. सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती. जवाबदेही जरूर तय की जाएगी.’
50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि मार्च के दौरान हुई पथराव की घटनाओं से 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनको अस्पताल भेजा गया है. घायलों में दस से ज्यादा आईपीएस और दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल है, जो हालात पर काबू पाने के लिए नई दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तैनात किए गए थे.
पुलिस ने बताया कि अभी घायल पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बहुत से घायल पुलिसकर्मी अभी अस्पताल में इलाज शुरू होने की प्रक्रिया में हैं.कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल प्रयोग किया गया है. कुछ जगहों पर आंसू गैस के गोले भी दागे गए, लाठीचार्ज किया गया. कई जगहों पर पुलिस पर पत्थर भी फेंके गए, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
CJP प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से मुलाकात की
वहीं, प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की. मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने प्रदर्शन और अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन CJP का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब वह प्रदर्शन को खत्म नहीं करेंगे.
सीजेपी की तरफ से तीन मांगें सरकार की तरफ से रखी गई हैं. पहली मांग है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो. दूसरी मांग है कि सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए और उनके आने-जाने पर किसी तरह की रोक न हो. तीसरी मांग है कि जिन बच्चों ने नीट पेपर लीक से आहत होकर सुसाइड किया है, उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए.
केंद्रीय मंत्री जेडी नड्डा का बयान
हालांकि उनकी इन मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. केंद्रीय मंत्री जेडी नड्डा ने कहा, ‘आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया. सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें.’



