भारत में 65 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या युवाओं की है. लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा चुनाव उनके युवाओं की बड़ी भूमिका सरकार बनाने में होती है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल चाहते हैं कि युवा ज्यादा से ज्यादा उनके साथ जुड़े और सत्ता में आने में बड़ी भूमिका निभाए. ऐसे में कांग्रेस ने देशभर में गूंज कार्यक्रम के जरिए युवाओं के मुद्दे उठाकर अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य बनाया है.
वहीं, बीजेपी भी युवाओं को पार्टी से जोड़ने और अपनी विचारधारा और सरकार के कामों को हर बूथ तक पहुंचाने के लिए डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम चला रही है. पार्टी की योजना के तहत प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 प्रशिक्षित युवा कार्यकर्ता तैयार किए जाएंगे. देशभर में कुल 1 करोड़ युवाओं को इस डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में पार्टी ने दी जानकारी
भाजपा की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, अब तक 11 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा चुका है. ऐप आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को पार्टी के इतिहास, विचारधारा, संगठनात्मक संरचना, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आज धानग में बूथ पदाधिकारियों का डीजिटल प्रशिक्षण करवाया। pic.twitter.com/nqXCOYtJOn
— Mulkh Raj Premi BJP (मोदी का परिवार) (@MulkhrajPremi) July 8, 2026
भाजपा का मानना है कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं और पार्टी की विचारधारा को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसी रणनीति के तहत अब इस अभियान का विस्तार देश के प्रत्येक बूथ तक किया जा रहा है.
क्या है डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम का लक्ष्य?
जबकि विपक्ष पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सरकार के ऊपर हमलावर है. ऐसे में डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम के जरिए पार्टी की विचारधारा की जानकारी तो युवाओं को देगी ही, उसके साथ-साथ लर्निंग प्रोग्राम के बाद इन युवाओं के जरिए सरकार द्वारा युवाओं के लिए किए जा रहे कामों का प्रचार भी डिजिटल माध्यम से कराया जाएगा, जिससे विपक्ष के नैरेटिव को खत्म करने में आसानी रहे.
भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत चलाए जा रहे डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम (DLP) के माध्यम से अब तक देशभर के 11,01,618 से अधिक कार्यकर्ता और युवा जुड़ चुके हैं. पार्टी का लक्ष्य इस अभियान के अगले चरण में देशभर के प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 प्रशिक्षित डिजिटल कार्यकर्ता तैयार करना है. इस आधार पर पूरे देश में लगभग 1 करोड़ युवाओं और कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना बनाई गई है.
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और पार्टी की विचारधारा को अधिक प्रभावी तरीके से आम लोगों तक पहुंचा सकेंगे. बूथ स्तर पर डिजिटल रूप से सक्षम कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.
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