30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! मोदी सरकार के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर

30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! मोदी सरकार के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर


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  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर विपक्ष घेरेगा.

केंद्र सरकार की तरफ से शनिवार (4 जुलाई, 2026) को संसद के मानसून सत्र की तारीखों की घोषणा कर दी गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशहित के मुद्दों पर चर्चा और बहस करने के लिए 20 जुलाई से 13 अगस्त तक लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है. हालांकि, मानसून सत्र की घोषणा के साथ ही केंद्र सरकार के एक प्रस्तावित संशोधन विधेयक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर के लेकर संसद में दिए बयान पर भी चर्चा बढ़ गई है.

दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से उस प्रस्तावित बिल की चर्चा हो रही है, जिस पर अभी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट आनी बाकी है. इस बिल के तहत 30 दिनों तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों को अपने पदों से इस्तीफा देना होगा. इसके अलावा, संसद सत्र के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऑपरेशन सिंदूर पर दिए बयान को लेकर भी बहस होने की संभावना है. 

17 जुलाई को बिल पर जेपीसी की होगी बैठक

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, संविधान के 130वें संशोधन विधेयक, 2025 की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 17 जुलाई, 2026 को अपनी रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए बैठक करेगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, जेपीसी की तरफ से इस बिल के उस विवादास्पद प्रावधान को हटाने की सिफारिश किए जाने की संभावना नहीं है, जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के अलावा केंद्र और राज्यों के मंत्रियों को अगर किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वे लगातार 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपना इस्तीफा देना होगा और अगर वे इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें अपने आप ही पद से हटाया जाएगा. 

हालांकि, जेपीसी अपनी रिपोर्ट में कुछ उपायों की सिफारिशें जरूर दे सकती हैं, जिसके मुताबिक अगर यह बिल कानून बनता है, तो इसका राजनीतिक फायदा लेने या गलत भावना के साथ इस्तेमाल न किया जा सके.  

राजनाथ सिंह को लेकर क्या है विवाद?

दूसरी तरफ, विपक्ष संसद के मानसून सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ ब्रीच ऑफ प्रिविलेज का मामला भी जोर-शोर के साथ उठाने की तैयारी में है, जो पिछले साल संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर उनके दिए बयान को लेकर हुए विवाद पर है.

दरअसल, हाल ही में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ कांग्रेस ने राजनाथ सिंह पर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि रक्षा मंत्री ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ था, लेकिन बाद में सरकार की तरफ से सैनिकों की हताहतों की आधिकारिक पुष्टि उनके ही बयान को गलत साबित करता है. 

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