‘वेस्ट-भीम’ डॉग स्क्वॉड, लेडी कमांडो की तैनाती, अमरनाथ यात्रा में इस बार सुरक्षा के क्या हैं खास इंतजाम?

‘वेस्ट-भीम’ डॉग स्क्वॉड, लेडी कमांडो की तैनाती, अमरनाथ यात्रा में इस बार सुरक्षा के क्या हैं खास इंतजाम?


अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से हो रही है. यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की तैयारी तेज हो गई है. बालटाल रूट पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा मॉक ड्रिल की, जबकि यात्रियों की सुरक्षा तय करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर आरपीएफ ने डॉग स्क्वॉड भी तैनात कर दिया है.

पहलगाम में तैनात सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट मनीष यादव ने बताया कि सुरक्षा अभियान में दो ट्रेंड बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के स्काउट डॉग अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास दो स्काउट डॉग हैं. दोनों बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के हैं. इनकी भूमिका इन्फैंट्री पेट्रोलिंग (IP) और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का पता लगाने की है. पहले वाहन पहुंचते हैं, फिर हम DSMD का इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद डॉग पूरे इलाके को सूंघकर किसी भी संदिग्ध वस्तु का तुरंत पता लगा लेते हैं.’

बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के ‘वेस्ट’ और ‘भीम’ भी सुरक्षा में

मनीष यादव ने बताया, ‘इन दोनों डॉग्स के नाम वेस्ट और भीम हैं. वेस्ट 7 साल का है और भीम 8 साल का. दोनों इतने ही समय से सीआरपीएफ के साथ जुड़े हुए हैं. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनाती के दौरान वेस्ट ने एक IED का पता लगाया था और भीम ने भी विस्फोटक खोजने में सफलता हासिल की थी. दोनों ने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन सफल बनाए हैं.’

अमरनाथ यात्रा के दौरान IED खतरे, घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड सुरक्षा की सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों के पास श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बिना किसी व्यवधान के पूरी कराने की जिम्मेदारी है.

नुनवान बेस कैंप पर CRPF की खास तैनाती

अनंतनाग के पहलगाम में नुनवान बेस कैंप पर सीआरपीएफ की ऑल-वुमेन बटालियन तैनात की गई है, जो महिला श्रद्धालुओं की तलाशी, कतार प्रबंधन और हर जरूरी मदद की जिम्मेदारी संभाल रही है. सीआरपीएफ की 240वीं महिला बटालियन की सब-इंस्पेक्टर मुस्कान त्यागी ने कहा, ‘हमारी ड्यूटी महिला श्रद्धालुओं की फ्रिस्किंग, जांच और उनकी कतारों का प्रबंधन करना है, ताकि यात्रा में कोई बाधा न पड़े और श्रद्धालु आरामसे दर्शन कर सकें. यही हमारी मुख्य जिम्मेदारी है. महिला बटालियन की कंपनियां हर साल यहां तैनात की जाती हैं. बेंगलुरु की 240वीं यूनिट भी अमरनाथ यात्रा के लिए यहां तैनात हैं.’

कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर तारावती ने कहा, ‘हमारी जिम्मेदारी है कि महिलाओं को किसी तरह की असुविधा न हो. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, हम उन्हें कतार में एक-एक कर आगे भेजेंगे, ताकि वे आराम से आगे बढ़ सकें. पूरी व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाएगी.’

3.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले ही करा चुके रजिस्ट्रेशन

अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले जम्मू में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है. तवी रिवरफ्रंट स्थित पंजीकरण केंद्र पर बुधवार (1 जून) को सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और RFID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई. 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र यात्रा के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

अधिकारियों के अनुसार, इस साल अब तक 3.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. वहीं, जिन श्रद्धालुओं ने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, उनके लिए जम्मू में मौके पर पंजीकरण और RFID कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि यात्रा के दौरान उनकी आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित रहे.

यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से सुबह 4 बजे रवाना होगा. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस पहले काफिले को हरी झंडी दिखाएंगे. इसके बाद 3 जुलाई से श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के पवित्र गुफा मंदिर की ओर रवाना होंगे.

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यात्रियों में जोश, अजब गजब भक्त

उत्तर प्रदेश से आए एक श्रद्धालु राम कृष्ण, जो अपने अनोखे पहनावे की वजह से भी लोगों का ध्यान खींच रहे थे, ने कहा, ‘मैं यूपी से हूं. मैं बाबा अमरनाथ से प्रार्थना करता हूं कि योगी आदित्यनाथ अगले प्रधानमंत्री बनें.’ उनके इस बयान ने रजिस्ट्रेशन सेंटर पर मौजूद लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया.

राजस्थान के बीकानेर से पहुंचे श्रद्धालु चंद्रशेखर चंगानी ने यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि यहां की व्यवस्थाएं बेहद शानदार हैं. हम बीकानेर से निकले हैं. अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के जो इंतजाम किए हैं, वे बिल्कुल सटीक हैं. हमें किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.’

प्रशासन ने इस साल करीब 55,000 श्रद्धालुओं के ठहरने, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं के इंतजाम किए हैं. कड़ी सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन और बढ़ते उत्साह के बीच इस बार की अमरनाथ यात्रा श्रद्धा, व्यवस्था और सुरक्षा का बड़ा उदाहरण बनती दिखाई दे रही है.

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