‘VIJAY’ होगा नए सेना प्रमुख का मिशन! कांप उठेगा पाकिस्तान, जनरल धीरज सेठ ने बताया कैसी होगी फ्यूचर इंडियन आर्मी

‘VIJAY’ होगा नए सेना प्रमुख का मिशन! कांप उठेगा पाकिस्तान, जनरल धीरज सेठ ने बताया कैसी होगी फ्यूचर इंडियन आर्मी


General Dhiraj Seth: भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने देश को अपना पहला संदेश दिया. उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए गर्व और विनम्रता का विषय है. उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी तकनीक, तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल और जवानों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया. इसके लिए उन्होंने अपना विजन ‘VIJAY’ भी पेश किया.

31वें सेना प्रमुख का पदभार संभाला

जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पद संभालना उनके लिए गर्व और विनम्रता दोनों का विषय है.

‘ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट’ के प्रति जताई प्रतिबद्धता

उन्होंने कहा कि वह ‘ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट’ के सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहे हैं.

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प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का जताया आभार

जनरल धीरज सेठ ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन पर विश्वास जताया और भारतीय सेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी. उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि शहीदों का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी. जनरल धीरज सेठ ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और उनसे निपटने के लिए सेना के आधुनिकीकरण को नई गति और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ाना होगा.

भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि उद्देश्य ऐसी तकनीक आधारित और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाना है, जो हर स्तर पर सक्षम हो और कई क्षेत्रों में एक साथ प्रभावी तरीके से काम कर सके. उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ के विजन से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं.

‘VIJAY’ विजन का किया ऐलान

जनरल धीरज सेठ ने बताया कि उन्होंने अपनी सभी प्राथमिकताओं को ‘VIJAY’ नाम के एक संक्षिप्त रूप में रखा है, जिसमें हर अक्षर एक विशेष लक्ष्य को दर्शाता है.

V का मतलब Vigilance and Readiness

उन्होंने कहा कि V का अर्थ Vigilance and Readiness यानी सतर्कता और हर समय तैयार रहना है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं और उभरते खतरों पर लगातार नजर रखेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी.

I का मतलब Innovation and Transformation

उन्होंने कहा कि I का अर्थ Innovation and Transformation यानी नई सोच और बदलाव है. उन्होंने कहा कि सेना में तकनीकी और सैन्य सिद्धांतों दोनों स्तरों पर नए समाधान अपनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि नई सोच, सेना की कार्यशैली और क्षमता विकास का अहम हिस्सा बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि बदलते युद्धक्षेत्र के अनुसार जरूरी बदलाव तेजी से लागू किए जाएंगे.

J का मतलब Jointness and Integration

उन्होंने कहा कि J का अर्थ Jointness and Integration यानी तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और एकीकरण है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग से सेना की परिचालन क्षमता और मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि यह संयुक्त रणनीति राष्ट्र निर्माण में योगदान देगी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी.

A का मतलब Aatmanirbharta

उन्होंने कहा कि A का अर्थ आत्मनिर्भरता है. उन्होंने कहा कि देश में विकसित स्वदेशी तकनीक और क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करके आत्मनिर्भर सेना बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य स्वदेशी समाधानों के दम पर युद्ध जीतने की क्षमता विकसित करना है.

Y का मतलब Yoddha First

उन्होंने कहा कि Y का अर्थ Yoddha First यानी जवान सबसे पहले है. उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे नए अग्निवीर से लेकर सबसे वरिष्ठ पूर्व सैनिक तक हर व्यक्ति एक योद्धा है. उन्होंने कहा कि यही योद्धा भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगे.

पूर्व सेना प्रमुखों को दिया सम्मान

जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सभी पूर्व सेना प्रमुखों को सम्मानपूर्वक याद किया. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व और दूरदृष्टि की बदौलत भारतीय सेना आज एक मजबूत, सक्षम और भरोसेमंद सैन्य बल बनी है. जनरल धीरज सेठ ने कहा कि उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री द्वारा सशस्त्र बलों के लिए दिया गया ‘VIJAY’ का मार्गदर्शक सिद्धांत भारतीय सेना की सफलता की मजबूत नींव है. उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत सेना को हर परिस्थिति में विजय की ओर ले जाएगा. अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि ‘जय’ ही ‘विजय’ तक पहुंचने का रास्ता है. उन्होंने अपने संदेश का समापन ‘जय हिंद’ और ‘जय भारत’ के उद्घोष के साथ किया.