‘राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत छिपाई’, विपक्ष का आरोप, BJP का पलटवार- ‘इतिहास याद रखेगा कि…’

‘राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत छिपाई’, विपक्ष का आरोप, BJP का पलटवार- ‘इतिहास याद रखेगा कि…’


बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विपक्ष पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विपक्ष को ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. उनका आरोप है कि विपक्ष ने कई महीनों तक झूठ फैलाया, शत्रु देश के प्रचार को बढ़ावा दिया और संसद में रक्षा मंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर यह दिखाने की कोशिश की कि सरकार सैनिकों के बलिदान से इनकार कर रही है.

विपक्ष ने लगाया था क्या आरोप?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दिए गए भाषण का एक वीडियो क्लिप साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर संसद को गुमराह किया गया. साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जान गंवाने वाले छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में अहम जानकारी छिपाई.

‘रक्षा मंत्री के बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया’
अमित मालवीय ने कहा कि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. उनके मुताबिक, रक्षा मंत्री का बयान एक विशेष संदर्भ में दिया गया था, जिसका उद्देश्य उस झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार का खंडन करना था जिसमें दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपने लड़ाकू पायलट खो दिए थे.

उन्होंने कहा कि इस तरह का झूठा प्रचार ऑपरेशन की सफलता को कमजोर करने और देश का मनोबल गिराने के लिए किया जा रहा था. मालवीय ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर रक्षा मंत्री के बयान की एक पंक्ति को संदर्भ से अलग कर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश की.

‘ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा’
बीजेपी नेता ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल सैन्य अभियान था. उन्होंने कहा कि इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी और पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए. इसके अलावा नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तान के एयरबेस और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान के दौरान अपनी सटीकता, पेशेवर क्षमता और दृढ़ संकल्प का शानदार प्रदर्शन किया.

यह भी पढ़ें: कट्टरपंथियों के आगे झुकी शहबाज सरकार, पाकिस्तान के सबसे बड़े न्यूज चैनल Geo News पर लगाया बैन, जानें क्यों लिया ये फैसला

‘सरकार ने शहीदों के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ी’
अमित मालवीय ने कहा कि सरकार ने उन सभी जवानों का पूरा सम्मान किया, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए गए हैं, जो उनकी वीरता को हमेशा याद रखने का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उनके योगदान का सम्मान किया जा सके.

यह भी पढ़ें: ईरान के 10 ठिकानों पर अमेरिका का अटैक, नेवी और एयरफोर्स ने दागीं मिसाइलें, CENTCOM ने जारी किया वीडियो

‘विपक्ष ने शहादत को राजनीति का हथियार बनाया’
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि जहां सरकार ने शहीदों का सम्मान गरिमा और कृतज्ञता के साथ किया, वहीं विपक्ष ने उनके बलिदान को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि इतिहास यह जरूर याद रखेगा कि कौन भारत के सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहा और किसने उनकी वीरता को बदनाम करने की कोशिश करने वालों का साथ दिया.