प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली मंत्री परिषद और बीजेपी संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलों को लेकर दिल्ली में राजनीति चरम पर है. इस बीच पीएम मोदी ने मंगलवार (23 जून 2026) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. 2027 की शुरुआत में पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी ने इन राज्यों में अपने किले को मजबूत करने की रणनीति के तहत संभावित फेरबदल पर विचार कर रही है.
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और बीजेपी द्वारा उन्हें दोबारा उच्च सदन नहीं भेजने के फैसले के बाद केरल के प्रतिनिधित्व को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. अब सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में केरल को नया प्रतिनिधि मिलेगा. फिलहाल केंद्र सरकार में केरल से बीजेपी के एकमात्र मंत्री अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी हैं, जिन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.
पंजाब की राजनीति में लौटेंगे बिट्टू
बताया जा रहा है कि बुधवार (24 जून 2026) को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने वाली है, जिसके बाद मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नए चेहरों को शामिल करने का ऐलान हो सकता है. बीजेपी ने दो केंद्रीय मंत्रियों जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया था. बिट्टू ने अभी औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है. हालांकि, उन्होंने ने साफ कर दिया है कि वह अब पंजाब की राजनीति में लौट रहे हैं और अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
कैबिनेट के जरिए यूपी को साधने पर जोर
इसके अलावा बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के नियम के तहत दो और मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है. इनमें दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बने हर्ष मल्होत्रा और उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बने पंकज चौधरी शामिल हैं. अगले साल की शुरुआत में ही यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत उन्हें केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है. यूपी वो राज्य है जहां सबसे ज्यादा 80 लोकसभा की सीटें हैं और पिछले विधानसभा में यहां अखिलेश यादव ने बीजेपी को झटका दिया था.
मोदी सरकार पंकज चौधरी के बदले किसी अन्य कद्दावर ओबीसी या दलित चेहरे को कैबिनेट में जगह दे सकती है, उसमें भी खासकर पूर्वांचल से. समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को काटने के लिए बीजेपी इस फेरबदल में यूपी से नए चेहरों को शामिल कर सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश करेगी.
पंजाब चुनाव पर नजर
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. रवनीत बिट्टू के हटने से पंजाब का एक मंत्री पद खाली होगा. बीजेपी ने यहां सिख चेहरे के तौर पर केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का अध्यक्ष बनाया है, इसलिए कैबिनेट में किसी हिंदू चेहरे को शामिल कर संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है. इस रेस में राघव चड्ढा, सुनील जाखड़ और तरुण चुघ के नाम सबसे आगे चल रहे हैं.
बीते कुछ सालों में मणिपुर हिंसा की आग में झुलसा है. यहां मैतेई और कुकी समुदायों का जातीय संघर्ष इतिहास रहा है. विपक्ष इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. बीजेपी यहां अलग-अलग समुदायों के नेताओं को कैबिनेट या संगठन में जगह देकर संतुलन बनाने की कोशिश कर सकती है ताकि चुनाव से पहले किसी भी गुट में नाराजगी न हो.
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