‘BJP सरकार का बजट कोई नई…’, बंगाल में सरकारी कर्मचारियों के DA बढ़ाने पर क्या बोले TMC सांसद

‘BJP सरकार का बजट कोई नई…’, बंगाल में सरकारी कर्मचारियों के DA बढ़ाने पर क्या बोले TMC सांसद


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • रॉय ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने की आलोचना की।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने सोमवार (22 जून, 2026) को वित्तीय साल 2026-27 के लिए बजट पेश किया है, जिसमें उन्होंने राज्य के किसानों, उद्योगों, रोजगार सृजन, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से लेकर सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारियों के डीए में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करने की बात की. जिसे लेकर अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की तरफ से लाया गया यह बजट बंगाल की अर्थव्यवस्था को कोई नई दिशा नहीं दिखाता है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि सरकारी कर्मचारियों को डीए केंद्रीय रेट के अनुसार दिए जाएंगे, लेकिन इसमें सिर्फ 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है. अभी भी इसमें 22 प्रतिशत का अंतर साफ तौर पर है.

बंगाल के बजट पर क्या बोले टीएमसी सांसद?

पश्चिम बंगाल के दमदम से लोकसभा सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘भाजपा सरकार ने शपथ ग्रहण करने के एक महीने के अंदर ये बजट पेश किया है, तो अब हमें ये देखना है कि इसका राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है, लेकिन ये बजट कोई नई दिशा नहीं दिखाता है. ये जो एक सामान्य बजट होता है, वैसा ही एक बजट है, इसमें सिर्फ कुछ आवंटन को इधर से उधर किया गया है.’ 

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने वादा किया था कि डीए को सेंट्रल रेट पर जारी करेंगे, लेकिन यह सिर्फ 20 प्रतिशत ही बढ़ा है. अभी भी सेंट्रल रेट के साथ 22 प्रतिशत का फर्क रह गया है. उन्होंने कर्मचारियों को जो आशा दी थी, वो उन्होंने पूरा नहीं किया. बाकी सरकार ने जो कहा है कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा, ब्रिज बनेगा, तो यह सब तो अभी बहुत दूर के समय की बात है, उसका अभी असर ज्यादा नहीं होगा.’

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर बोले सौगत रॉय

वहीं, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कोलकाता नगर निगम की तरफ से सड़क के नाम बदलने पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘ये तो गलत हुआ. जिसके नाम पर वो सुहरावर्दी एवेन्यू सड़क थी, वो कलकत्ता यूनिवर्सिटी का कुलपति थे. बड़े डॉक्टर थे, उनके साथ दंगे का कोई संबंध नहीं थे. दंगे के समय बंगाल के जो मुख्यमंत्री थे, वो दूसरे सुहरावर्दी थे. ये इतना इतिहास ही इनलोगों (भाजपा) को पता नहीं है.   

यह भी पढ़ेंः West Bengal Budget 2026: किसानों पर पैसों की बारिश, कारोबारियों को 5000 करोड़ का तोहफा! बंगाल बजट में शुभेंदु सरकार का बड़ा दांव