AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (16 जून, 2026) को अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पर कोई भी यकीन नहीं कर सकता है. वो सुबह में एक बात कहते हैं, दोपहर में उसको बदल देते हैं और शाम में फिर एक नई बात कर देते हैं.
उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जिस तरीके के इस जंग की शुरुआत की, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल आ गया और आर्थिक संतुलन बिगड़ गया. इसके साथ पूरे एशिया, विशेषकर दक्षिण एशिया में तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट छा गया.’
मोदी ने नेतन्याहू से क्यों नहीं कहा कि तमाशा बंद करो- ओवैसी
हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे अफसोस इस बात का है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल जाकर वहां की संसद (नेसेट) में खड़े होकर कहा था कि हम इजरायल के साथ हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने पहले यह बात नेतन्याहू, जो उनके काफी करीबी दोस्त भी हैं, को क्यों नहीं कहा कि ये तमाशा बंद कर दो, इससे सबकी अर्थव्यवस्था खराब हो रही है.’
#WATCH | On the US–Iran Peace Deal, AIMIM President Asaduddin Owaisi says in an interview with ANI, “No one can trust Trump… The way Donald Trump and Benjamin Netanyahu initiated the war, it caused turbulence in the entire global economy and disturbed the economic equilibrium.… pic.twitter.com/ZB3DVVhJIO
— ANI (@ANI) June 16, 2026
इजरायल एक नरसंहार करने वाला देश है- ओवैसी
उन्होंने कहा, ‘सीजफायर हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बात पर कायम रहेंगे. क्या वो इजरायल को रोक पाएंगे, क्योंकि इजरायल के लोग आज भी कह रहे हैं कि हम अपनी मनमानी करेंगे. ये तो एक नरसंहार करने वाला देश है, जिसने करीब 6 लाख फिलिस्तीनियों को खत्म कर दिया और लेबनान पर बमबारी कर रहा है. हम तो उम्मीद कर रहे हैं कि शांति कायम हो जाए और लोग अमन-चैन से अपनी जिंदगी गुजार सकें.’
अमेरिका के प्रति मोदी सरकार की विदेश नीति पर किया सवाल
ओवैसी ने कहा, ‘भारत के बहुत बड़ी तादाद में नागरिक खाड़ी क्षेत्र में रहते हैं, फिर चाहे वो दुबई हो, सऊदी अरब हो और अगर वहां रहने वाले हमारे लोगों को कुछ होगा तो हमारे जो रेमिटेंस हैं, उसे क्षति पहुंचेगी. ऐसे में यह बहुत अहम मामला हो जाता है.’
उन्होंने कहा, ‘हमलों में हमारे तीन नाविक मारे गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी निंदा करने के लिए एक शब्द तक नहीं बोलते हैं. वो इतना क्यों डरते हैं अमेरिका से? हमारे लाखों की संख्या में नाविक समुद्री जहाजों पर काम करते हैं और देश को फॉरेंस एक्सचेंज को बढ़ाते हैं, तो इस तरह की अगर विदेश नीति उनकी अमेरिका के प्रति है कि हम बिल्कुल ही खामोश रह जाएंगे. अमेरिका बोलेगा कि तेल ले लो, तो ले लेंगे, कहेगा कि मत लो, तो नहीं लेंगे.’
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