Mahua Moitra Cash-for-Query Row: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) गुरुवार (2 नवंबर) को लोकसभा की आचार समिति के समक्ष पेश हुईं. महुआ और विपक्ष के दूसरे सदस्यों ने समिति की बैठक में चेयरमैन पर व्यक्तिगत, अनैतिक और अभद्रता वाले सवाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
इस मामले पर राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है और खूब आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं. अब बीजेपी सांसद और समिति की सदस्या अपराजिता सारंगी ने महुआ मोइत्रा को बहुत अहंकारी, असभ्य व्यवहार करने वाली और बेहद कड़वी कहा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अपराजिता सारंगी ने टीएमसी सांसद के बारे में कहा, “उनको नहीं पता था कि किस तरह से अपने को कमेटी के समक्ष व्यक्त करना है, क्योंकि वो बेहद ही गुस्से में थी. अपने गुस्से की वजह से उन्होंने समिति की बैठक में असंसदीय भाषा का प्रयोग किया.”
‘विपक्ष ने बैठक में पीटी थीं कुर्सी और मेज, समिति के सदस्यों को अपमानित भी किया’
एथिक्स कमेटी की सदस्य ने कहा कि उन्होंने समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, उनको सार्वजनिक तौर पर नहीं बोला जा सकता. उन्होंने कहा कि ना सिर्फ महुआ मोइत्रा बल्कि एथिक्स कमेटी पैनल में दूसरे सभी विपक्षी सदस्य भी अपना आपा खो बैठे थे. उन्होंने न केवल कुर्सी और मेज को पीटा, बल्कि समिति का जो हिस्सा थे, उन सभी को अपमानित भी किया.
#WATCH | On TMC MP Mahua Moitra, Aparajita Sarangi, BJP MP and member of the Parliament Ethics Committee says, “She behaved in a really conceited, impolite method. She was very bitter. She was very indignant. And she or he did not know categorical her anger. And that’s the reason she resorted to… pic.twitter.com/3uJxtvQM8Z
— ANI (@ANI) November 3, 2023
‘ज्यादा आक्रामता, अहंकार, अशिष्टता स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं’
अपराजिता सारंगी ने अफसोस जताते हुए कहा कि सांसदों, खासकर महुआ मोइत्रा से इस तरह के व्यवहार करने की उम्मीद नहीं थी. उनको शालीनता के साथ व्यवहार करना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि उनको बहुत अधिक आक्रामक, बेहद अहंकारी और बहुत अधिक अशिष्टता नहीं रखनी चाहिए, उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है.
2 नवंबर को आचार समिति के सामने पेश हुईं थी महुआ मोइत्रा
गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा पर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के गंभीर आरोप लगे हैं. इस मामले की जांच कर रही समिति ने उनको जवाब देने के लिए 2 नवंबर को तलब किया था, लेकिन बैठक में पूछे गए सवालों को लेकर हंगामा खड़ा हो गया. इसके बाद समिति में विपक्ष के दूसरे सदस्य बैठक से वॉकआउट कर गए थे.
‘समिति अध्यक्ष ने भी महुआ पर लगाए थे असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप’
बैठक का बहिर्गमन करने के मामले पर समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा था कि महुआ मोइत्रा सवालों को जवाब देने के बजाय गुस्से में आ गईं. उन्होंने सभापति और समिति के सदस्यों के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. संसद सदस्य दानिश अली, गिरधारी यादव और अन्य विपक्षी सांसदों ने समिति पर आरोप लगाने का प्रयास किया. इसके बाद बैठक से बाहर चले गए. उन्होंने कहा कि कमेटी दोबारा बैठकर आगे की कार्रवाई तय करेगी.
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