ईरान युद्ध के चलते संकट में न आए देश, मोदी सरकार ने किया बड़ा फैसला, ‘अब विदेशी निवेशकों को…’

ईरान युद्ध के चलते संकट में न आए देश, मोदी सरकार ने किया बड़ा फैसला, ‘अब विदेशी निवेशकों को…’


विदेशी निवेश को आकर्षित करने के मकसद से मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय सरकारी बॉन्डों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों पर कैपिटल गेन्स टैक्स हटाने का फैसला किया है. कैपिटल फ्लो को बढ़ावा देने, रुपये को मजबूत करने और ईरान संघर्ष के चलते कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बचाने के मद्देनजर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (3 जून 2026) को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रिमंडल ने आयकर अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है, ताकि इन बदलावों को लागू किया जा सके. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ये कानून बन जाएगा. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत पश्चिमी एशिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण विदेशी निवेशकों के रिकॉर्ड स्तर पर धन निकासी, रुपये पर दबाव और ऊर्जा की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है.

विदेशी निवेशकों ने बेचे 25 लाख करोड़ के शेयर
सूत्रों के अनुसार, सरकार का मकसद भारतीय ऋण बाजारों में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना और ईरान युद्ध तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों का कुछ हद तक समाधान करना है. विदेशी निवेशकों ने इस वर्ष लगभग 25 लाख करोड़ रुपये मूल्य के भारतीय शेयर बेचे हैं, जिससे 2026 फॉरेन फंड फ्लोस के लिहाज से अब तक के सबसे खराब सालों में एक बन गया है.

भारी बिकवाली के चलते रुपये पर दबाव पड़ा है और बाजार के प्रतिभागियों ने ऐसे उपायों की मांग की है, जिससे भारतीय फाइनेंशियल एसेट विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सके. वर्तमान में विदेशी निवेशकों को सूचीबद्ध शेयरों और बांडों पर 12.5% ​​कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है, जिन्हें 12 महीने से अधिक समय तक अपने पास रखा जाता है. 

अभी कितना है टैक्स
मंत्रिमंडल के नए प्रस्ताव के तहत विदेशी निवेश निवेशकों द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में किए गए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा. सरकारी बॉन्डों से अर्जित ब्याज आय पर टैक्स के बोझ को कम करने की भी उम्मीद है. वर्तमान में विदेशी निवेशक जी-सेक से कमाए ब्याज पर 20% विद होल्डिंग टैक्स का भुगतान करते हैं.

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