दिल्ली के मुस्तफाबाद से AIMIM के प्रत्याशी और 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर बुधवार (22 जनवरी, 2025) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. दो जजों की बेंच में से एक जज ने जमानत से इनकार कर दिया है, जबकि दूसरे जज दोपहर 2 बजे अपना फैसला देंगे. ताहिर हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार के लिए जमानत के लिए अर्जी दी है.
जस्टिस पंकज मिथल और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच में से जस्टिस मिथल ने अपना फैसला पढ़ा और उन्होंने चुनाव प्रचार करने के लिए जमानत देने से मना कर दिया. जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि वह 2 बजे अपना फैसला देंगे. अगर जस्टिस अमानुल्लाह जमानत के पक्ष में फैसला देते हैं तो फिर मामला बड़ी बेंच को जाएगा. अब 2 बजे उसकी जमानत पर साफ स्थिति होगी.
एक दिन पहले जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि ताहिर हुसैन के खिलाफ 10 मामले हैं, जिनमें से 9 में उनको जमानत मिल चुकी है तो चुनाव लड़ने के लिए एक मामले में अंतरिम जमानत क्यों नहीं दी जा सकती है. हालांकि, दिल्ली पुलिस के वकील रजत नायर ने तब कहा था कि उनका जवाब अभी तैयार नहीं है. कोर्ट ने सुनवाई बुधवार के लिए टालते हुए एडवोकेट रजत नायर से तैयारी के साथ आने के लिए कहा था.



