Sandeepa Virk Tihar Jail: मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में चार महीने तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर संदीपा विर्क अब जमानत पर रिहा होकर मुंबई लौट आई हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपने मुश्किल दिनों के बारे में खुलकर बात की और बताया कि यह समय उनके लिए बेहद दर्दनाक और मानसिक रूप से थका देने वाला था।

संदीपा ने बताया कि जब वह पहली बार तिहाड़ जेल पहुंचीं तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनके साथ ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जेल का माहौल बहुत भारी था। गंदे वॉशरूम, फर्श पर सोना और रोज एक जैसा खाना दाल, सब्जी, चार रोटियां और चावल यही उनकी रोज की दिनचर्या बन गई थी।
उन्होंने कहा कि जेल में करीब 500 लोगों के साथ रहना आसान नहीं था। छोटी-छोटी बातों पर तनाव और आपसी खींचतान रहती थी। लगातार तनाव की वजह से उनकी तबीयत भी खराब रहने लगी। कई बार उन्हें इतना बुरा महसूस होता था कि जिंदगी से ही हार मानने का मन करता था।
संदीपा ने बताया कि सबसे ज्यादा दर्द तब होता था जब उनके माता-पिता उनसे मिलने जेल आते थे। उन्हें देखकर वह भावुक हो जाती थीं और खुद को दोषी मानते हुए उनसे माफी मांगती थीं। हालांकि इस मुश्किल समय में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
संदीपा पर करीब 6 करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि एक निवेश स्कैम से जुड़ी रकम उनके बैंक खातों से होकर गुजरी थी। हाईकोर्ट ने यह देखते हुए उन्हें जमानत दे दी कि वह चार महीने से ज्यादा समय से जेल में थीं और इस मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार है।
जेल से बाहर आने के बाद संदीपा ने वहां मिली दो महिलाओं की मदद की। एक महिला पर 3,000 रुपये चोरी का आरोप था और उसके घर की हालत बहुत खराब थी। संदीपा ने उसकी जमानत कराने में मदद की। इसके अलावा एक दूसरी महिला को भी अंतरिम जमानत दिलाने में उन्होंने सहयोग किया।
संदीपा ने कहा कि इस मामले के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। लेकिन उन्हें इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि अब वह अपने जीवन की नई शुरुआत करना चाहती हैं।



