दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जून को सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई टाल दी है, जिसमें उन्होंने ‘काला हिरण’ (Kala Hiran) नाम की वेब सीरीज के मेकर्स को चुनौती दी है। यह पूरी कानूनी लड़ाई एक्टर के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) के इर्द-गिर्द घूम रही है। सलमान चाहते हैं कि इस शो की रिलीज और प्रमोशन पर तुरंत रोक लगाई जाए। हालांकि, मेकर्स ने अभी तक इसका डिजिटल रोलआउट नहीं रोका है, जिससे शो के ट्रेलर को लेकर सस्पेंस और तनाव बढ़ गया है।
सलमान खान का दावा है कि इस प्रोजेक्ट में उनके नाम और इमेज का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल, सीरीज का टाइटल सीधे तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले की ओर इशारा करता है। सलमान का तर्क है कि इससे उनकी सामाजिक छवि को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं के खिलाफ स्थायी रोक (permanent injunction) की मांग की है, ताकि ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रोमो समेत सभी कंटेंट पर लगाम कसी जा सके। फिलहाल, अदालत को इस मामले में मेकर्स के विस्तृत जवाब का इंतजार है।

सलमान खान ‘काला हिरण’ केस: अब कब होगी अगली सुनवाई?
अदालत ने अगली सुनवाई इसी महीने की एक बाद वाली तारीख के लिए तय की है। इस बीच मेकर्स को अपना औपचारिक जवाब दाखिल करने का समय मिल गया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सीरीज पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई गई है, जिसका मतलब है कि फैंस अभी भी विभिन्न स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर इसका ट्रेलर देख सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत में सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स की नई परिभाषा तय करेगा और यह दिखाएगा कि सितारे अपनी सार्वजनिक पहचान की रक्षा कैसे कर सकते हैं।
इस केस की गंभीरता को समझने के लिए सलमान खान की मुख्य मांगों को जानना जरूरी है। उनकी लीगल टीम का कहना है कि उनकी पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति के व्यावसायिक फायदे के लिए किया जा रहा है। वे चाहते हैं कि इंटरनेट से इससे जुड़ा सारा कंटेंट तुरंत हटाया जाए। दूसरी ओर, मेकर्स का तर्क है कि यह सीरीज एक काल्पनिक रचना है और उन्हें रचनात्मक स्वतंत्रता का अधिकार है। नीचे दी गई टेबल में देखें कि सलमान खान ने कोर्ट से क्या राहत मांगी है:
| मांगी गई राहत | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| प्रमोशन पर रोक | टाल दी गई |
| डिजिटल कंटेंट हटाना | जवाब का इंतजार |
| रिलीज पर रोक | समीक्षा के अधीन |
क्रिएटर्स पर क्या होगा सलमान खान ‘काला हिरण’ केस का असर?
यह विवाद भारतीय मनोरंजन कानून के लिहाज से एक बेहद अहम मोड़ है। सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स अब बिना अनुमति के बनने वाली बायोपिक्स के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनते जा रहे हैं। अगर सलमान खान यह केस जीतते हैं, तो भविष्य में अन्य सितारे भी इसी तरह के कंटेंट के लिए मेकर्स को कोर्ट में घसीट सकते हैं। इससे लेखकों और निर्देशकों के लिए अपने प्रोजेक्ट्स का टाइटल चुनना भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। फिलहाल, दर्शकों की नजरें कोर्ट के आखिरी फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यहां मामला रचनात्मक आजादी और व्यक्तिगत निजता के बीच फंसा है।



