Parliament Security Breach Lalit Jha Arrested Sagar Neelam 4 Accused Sent To Police Custody MP Suspended PM Modi Instructions Minister Big Points संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाला मास्टरमाइंड ललित झा गिरफ्तार, 14 विपक्षी सांसद निलंबित

Parliament Security Breach Lalit Jha Arrested Sagar Neelam 4 Accused Sent To Police Custody MP Suspended PM Modi Instructions Minister Big Points संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाला मास्टरमाइंड ललित झा गिरफ्तार, 14 विपक्षी सांसद निलंबित


Lok Sabha Security Breach: संसद की सुरक्षा में सेंध के मामले पर हंगामा जारी है. विपक्ष मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहा है. इस बीच लोकसभा से 13 और राज्यसभा से एक सांसद को शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने रात के करीब साढ़े 10 बजे छठे आरोपी और मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे ललित झा को गिरफ्तार कर लिया.

हिरासत में भेजा 
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम को कोर्ट में पेश किया. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की 15 दिन की हिरासत मांगी, लेकिन अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है. इनसें से लोकसभा में सांसदों की बैठने वाली जगह पर कूदने वाले और कैन के जरिए धुंआ करने वाले लोग मनोरंजन डी और सागर शर्मा हैं. वहीं अमोल शिंदे और नीलम परिसर में नारेबाजी कर कैन से धुंआ फैलाने वाले हैं. 

कोर्ट में क्या दलील दी गई?
पुलिस ने कोर्ट से कहा कि मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम का संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने का मामला आतंकी गतिविधि जैसा है. पुलिस ने बताया कि हमने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के अलावा आतंकवाद-रोधी कानून गैर कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज किया है.

पुलिस ने कहा, ‘‘उन्हें दर्शक दीर्घा तक ही सीमित रहना था. वे दर्शक दीर्घा से वेल में कूद गए, जो घुसपैठ थी. उन्होंने (धुएं की) कैन अपने जूतों में छिपाई हुई थी. ’’ ऐसे में चारों से पूछताछ के लिए 15 दिन चाहिए है तो इस पर आरोपियों के वकील ने कहा कि पांच दिन काफी है. मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम के अलावा विक्की और ललित झा भी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है. 

पीएम मोदी ने दिया निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को निर्देश दिया है कि मामले को लेकर राजनीति में ना पड़े. एबीपी न्यूज को सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि मामला काफी गंभीर है.  

विपक्ष लगातार हमलावर
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने मामले पर सरकार से जवाब की मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के भीतर बयान दें. इस कारण हंगामा रहा. इसे देखते हुए सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 

सरकार ने क्या कहा?
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की मांग को लेकर कहा, ‘‘हम सब सहमत हैं कि कल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना लोकसभा सदस्यों की सुरक्षा में गंभीर चूक थी.’’ जोशी ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी सदस्य से राजनीति की अपेक्षा नहीं की जाती, हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा. 

सांसद हुए निलंबित 
सदन में आसन की अवमानना लिए विपक्ष के 13 सदस्यों को मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसमें कांग्रेस के टीएन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास, डीन कुरियाकोस, वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद और मणिकम टैगोर हैं. वहीं डीएमके के कनिमोई, माकपा केएस वेकटेशन के पी आर और भाकपा के के. सु्ब्बारायन हैं. वहीं टीएमसी के सदस्य डेरेक ओब्रायन को अशोभनीय आचरण के लिए मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. 

मल्लिकार्जुन खरगे ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर सरकार पर निशाना साधा. खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ”राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे लोकतंत्र के मंदिर संसद की सुरक्षा को खतरे में डालने के बाद बीजेपी अब आवाज उठाने वाले पर ही वार कर रही है. विपक्षी सांसदों को संसद से निलंबित करना लोकतंत्र का निलंबन है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनका अपराध क्या है? क्या केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में बयान देने का आग्रह करना अपराध है? क्या खतरनाक सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा कराना अपराध है? क्या यह तानाशाही के उस पहलू को रेखांकित नहीं करता, जो वर्तमान व्यवस्था की पहचान है?’’

दिल्ली पुलिस के आठ कर्मी निलंबित
एबीपी न्यूज को मिले सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन की सुरक्षा के लिए मीडियाकर्मियों और लोगों की जांच में लापहरवाही को लेकर आठ दिल्ली पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि निलंबित किए गए कर्मियों की पहचान रामपाल, अरविंद, वीर दास, गणेश, अनिल, प्रदीप, विमित और नरेंद्र के रूप में की गई है. 

बता दें कि सुरक्षा में चूक की यह मामला 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है.

इनपुट भाषा से भी. 

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