Farmer protest delhi chalo march police advisory traffic jam Security increased on ghazipur singhu tikri border

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Farmer Protest Information: किसानों के विरोध-प्रदर्शन के कारण बुधवार (6 मार्च) को मोटर चालकों को जाम का सामना करना पड़ सकता है. पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर बुधवार सुबह से ही भारी जाम लगने लगा है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पुलिसकर्मी टिकरी, सिंघु और गाजीपुर सीमाओं के साथ-साथ रेलवे, मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखेगा.

दिल्ली की तीनों बॉर्डर की सुरक्षा बढ़ाई गई

एक अधिकारी ने बताया, ”हमने तीनों बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है. हालांकि हमने कोई सीमा या मार्ग को बंद नहीं किया है, लेकिन वाहनों की जांच की जाएगी.” पुलिस उपायुक्त (बाहरी दिल्ली) जिमी चिराम ने बताया कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस पहले से ही तैनात है. उन्होंने कहा, ”किसानों के आह्वान के मद्देनजर हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.”

एक अन्य अधिकारी ने बताया, ”हमने सिंघु और टिकरी सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से लगाए गये अवरोधकों को हटा दिया है. हालांकि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान अभी भी तैनात हैं और वे चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी सुनिश्चित करेंगे.” रेलवे, मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, क्योंकि किसानों के ट्रेन और बस जैसे सार्वजनिक परिवहनों से आने की भी उम्मीद है.

‘दिल्ली में कहीं भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं देंगे’

अधिकारी ने बताया, ”दिल्ली में पहले से ही धारा 144 लागू है. हम यहां कहीं भी किसी सभा या कार्यक्रम की अनुमति नहीं देंगे. आईएसबीटी कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. किसी को भी कानून का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.”

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दो प्रमुख संगठन किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने रविवार (3 मार्च) को देश भर के किसानों से बुधवार को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया था. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने यह आह्वान किया था.

10 मार्च को रेल रोको आंदोलन आह्वान 

दोनों नेताओं ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित अपनी कई मांगों के समर्थन में 10 मार्च को चार घंटे के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन का भी आह्वान किया है. नेताओं ने कहा कि किसी किसान का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

पिछले महीने पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़प के बाद 21 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई थी और कुछ अन्य किसान घायल हुए थे. किसानों ने 13 फरवरी को अपना मार्च शुरू किया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप झड़प हुईं थी.

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