आज बात दिल्ली के उस विधानसभा क्षेत्र में जिसने दिल्ली के आख़िरी हिन्दू सम्राट के साम्राज्य का वैभव देखा, जिसने हिन्दुस्तानी ज़मीन पर मुस्लिम सल्तनत की नींव पड़ते देखा। जो 1911 में नई दिल्ली के बसने से पहले यानी मुग़लों के दौर में पुरानी दिल्ली के नाम से जानी जाती रही। ये महरौली विधानसभा है जिसके अतीत की जड़ें हज़ार साल से भी ज्यादा पुरानी हैं तो वर्तमान अपने पुराने वैभव को तलाश रहा है। विधानसभा चुनाव की दहलीज़ पर महरौली इतिहास और भविष्य के द्वंद्व का प्रतीक बन गया है….चित्रा त्रिपाठी के साथ ग्राउंड से देखिए जनता का चुनावी मिजाज…


