संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले राम मंदिर के चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले में उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. दोनों नेताओं ने पूरे मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने तथा ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है.
Ayodhya Ram temple donations embezzlement row: Leader of the Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi and Leader of the Opposition in Rajya Sabha Mallikarjun Kharge have written to Prime Minister Narendra Modi
“We urge you to immediately order an independent and comprehensive… pic.twitter.com/lAIan8Uqmr
— ANI (@ANI) July 19, 2026
PM मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है. उन्होंने लिखा कि इस तरह के गंभीर आरोपों के बावजूद प्रधानमंत्री की चुप्पी पूरी तरह अस्वीकार्य है. पत्र में कहा गया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जवाबदेही तय करे और देश के सामने सच्चाई रखे.
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चंपत राय पर भी लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का भी उल्लेख किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय पर गंभीर सवाल उठे हैं और उनके प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी होने का भी जिक्र किया. पत्र में कहा गया कि ऐसे में प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
स्वतंत्र जांच की उठाई मांग
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दिया जाए. उनका कहना है कि जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहे, बल्कि ट्रस्ट को मिले सभी प्रकार के दान और चढ़ावे की भी गहराई से जांच हो.
नकद, सोना-चांदी सहित सभी दान की हो जांच
पत्र में कहा गया है कि देश और विदेश से राम मंदिर के लिए मिले नकद, सोना, चांदी और अन्य सभी प्रकार के चढ़ावे एवं दान के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं के योगदान का उपयोग किस तरह किया गया.
ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट और ट्रस्ट के सभी खातों को सार्वजनिक किया जाए. उनका कहना है कि इससे देश और दुनिया के करोड़ों राम भक्तों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उनके द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का उपयोग कहां और किस उद्देश्य के लिए किया गया.



