- ईडी ने पूरे लेन-देन को संदिग्ध बताया, मनी लॉन्ड्रिंग जांच जारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (7 जुलाई, 2026) को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित पैसों की लेन-देन के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी ने करीब 440 करोड़ रुपये वाले टीएमसी के एचडीएफसी बैंक के अकाउंट्स की जांच शुरू की और अकाउंट को फ्रीज कर दिया और इस संबंध में मंगलवार (7 जुलाई) को पांच अलग-अलग जगहों पर छापेमारी भी की गई.
इस मामले में विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए विवादित बैंक खातों के जरिए कथित रूप से गलत वित्तीय लेन-देन, पैसे जुटाने और रकन को इधर-उधर भेजने का आरोप है. जिन पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका है और ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग और फंड के सोर्स की जांच कर रही है.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच के दायरे में केयरवेल ग्रुप की कंपनियां हैं, जो एविएशन सेक्टर में काम करती हैं. ED के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच AITC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक दूसरी कंपनी को भेजे गए. एजेंसी का दावा है कि इसके बाद केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2023 से 2026 के बीच करीब 82.96 करोड़ रुपये अपनी ही एक नई कंपनी को भेज दिए.
छापेमारी के दौरान ED को पता चला कि इस रकम का बड़ा हिस्सा एक कंपनी के जरिए एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में लगाया गया. ED के मुताबिक, इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए. जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि हेलीकॉप्टर खरीदने में कुछ विदेशी फंड का भी इस्तेमाल हुआ, लेकिन ज्यादातर पैसा सीधे AITC के खातों से आया था.
मामले पर ईडी ने क्या कहा?
ED के मुताबिक, विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद इन्हें किराये पर AITC को ही दिया गया. इसके बदले विमान इस्तेमाल करने के नाम पर बड़ी रकम का भुगतान किया गया. ED का कहना है कि पहली नजर में पूरा लेन-देन संदिग्ध लगता है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन पैसों का असली इस्तेमाल किस मकसद से किया गया.
बंगाल में ईडी की कार्रवाई पर राजनीतिक बवाल
हालांकि, इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है. टीएमसी इसे बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करार दे रही है. सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर छापेमारी की गई है, उनमें एक निजी एविएशन कंपनी केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर भी शामिल है.
आरोप है कि यह कंपनी पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिया जा रहा है, को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी. जांच एजेंसी अब इन वित्तीय लेनदेन और फंड के स्रोतों की पड़ताल कर रही है.
मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है. ममता बनर्जी गुट ने खातों पर लगी रोक को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच तेज कर दी है. एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खातों में जमा यह भारी रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया. मामले की जांच जारी है.
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