बंगालः शुभेंदु सरकार ने UCC ड्राफ्ट बिल पर लिया बड़ा फैसला, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमेटी गठन को दी मंजूरी

बंगालः शुभेंदु सरकार ने UCC ड्राफ्ट बिल पर लिया बड़ा फैसला, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमेटी गठन को दी मंजूरी


पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल ने गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट बिल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. शुभेंदु सरकार ने विधानसभा में विधेयक को पेश करने से पहले यूसीसी ड्राफ्ट बिल की पड़ताल करने के लिए देश के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक समिति के गठन को मंजूरी दे दी है.

मंत्रिमंडल ने UCC ड्राफ्ट बिल की जांच के लिए बनाई कमेटी- अग्निमित्रा पॉल

बंगाल सरकार में महिला और बाल कल्याण मामलों के साथ शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के साथ बातचीत के दौरान इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि राज्य मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 2026 के ड्राफ्ट बिल की पड़ताल के लिए एक समिति के गठन को मंजूरी दे दी गई है. 

एक महीने की पड़ताल के बाद विधानसभा में पेश होगा बिल- अग्निमित्रा पॉल

उन्होंने कहा कि इस समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी देश के सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है. इसके साथ ही, पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कमेटी को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के ड्राफ्ट बिल की जांच-पड़ताल करने और अपनी तरफ से सिफारिशें देने के लिए चार हफ्ते यानी एक महीने का समय भी दिया गया है और बिल की पूरी तरह से जांच-पड़ताल हो जाने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा. 

यूसीसी पर विधानसभा में क्या बोले मुख्यमंत्री?

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तरफ से राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू किए जाने के तीन दिन बाद यानी गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को यह फैसला लिया गया है कि यूसीसी बिल को सदन में पेश किए जाने से पहले एक उच्च स्तरीय न्यायिक समिति के समक्ष जांच के लिए भेजा जाए. समिति की जांच के बाद जो भी सिफारिशें होंगी उनके साथ यूसीसी ड्राफ्ट विधेयक को विधानसभा में पेश किया जाएगा.  

वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार (29 जून, 2026) को विधानसभा में इस पहल की घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार अगस्त महीने में निर्धारित बजट सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 पेश करेगी. 

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