बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लागू किए सख्त नियम, अभिषेक बनर्जी बोले- लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा

बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लागू किए सख्त नियम, अभिषेक बनर्जी बोले- लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा


बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कई तरह के प्रतिबंध जारी किए हैं. इसमें मीडिया में बयान देना, मीडिया डिबेट में भाग लेना, सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिक करना और यहां तक कि सरकार की महत्वपूर्ण जानकारी लीक करना भी शामिल है. इसे लेकर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी बीजेपी सरकार पर हमलवार हैं.

अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार (21 मई) को एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने इसे पूर्ण प्रतिबंध बताया है. उनका कहना है कि ये यह आदेश एक चेतावनी की तरह है और ये शासन की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में सरकारी कर्मचारियों पर चुप्पी साधने के लिए लागू किया गया है.

राज्य कार्मिक प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से ये आदेश बुधवार रात को जारी किया गया. इसमें स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार के प्रतिबंध अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) आचरण नियम, 1968, पश्चिम बंगाल सेवा (सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य, अधिकार और दायित्व) नियम 1980 और पश्चिम बंगाल सरकारी सेवक आचरण नियम, 1959 के पहले से मौजूद प्रावधानों के तहत लगाए गए हैं.

टीएमसी नेता ने क्या कहा
इन आदेशों को लेकर टीएमसी नेता ने कहा कि प्रेस से बात नहीं करनी, लेख नहीं लिखना, मीडिया कार्यक्रमों में भाग नहीं लेना,  केंद्र या राज्य सरकार की आलोचना नहीं करनी, दिल्ली के साथ संबंधों को तनावपूर्ण बनाने वाली कोई भी बात नहीं करनी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह कंट्रोल सरकार ने शासन व्यवस्था में चुप्पी को अब प्रशासनिक अनिवार्यता बना दिया है. 

यह लोकतंत्र का गला घोंटना है- अभिषेक बनर्जी 
उन्होंने आगे कहा कि यह चौंकाने वाला आदेश अनुशासन के बारे में नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और मौलिक अधिकारों का व्यवस्थित रूप से गला घोंटने के बारे में है, ताकि दिल्ली में बैठे आकाओं की पूर्ण आज्ञाकारिता सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने आगे कहा कि जैसा कहा जाए वैसा सोचो और केवल अनुमति मिलने पर ही बोलो. इस तरह का सरकार ने आदेश लागू किया है. उन्होंने आगे कहा कि जब कोई सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकती तो वह असहमति को कुचलना शुरू कर देती है. यह शक्ति नहीं है. यह लोकतंत्र का गला घोंटना है.

किन पर लागू होगा आदेश
बता दें कि ये आदेश राज्य सरकार से संबद्ध सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस), पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य राज्य सरकारी कर्मचारियों, सुधार सेवा कर्मचारियों, राज्य सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, राज्य संचालित बोर्डों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों और राज्य सरकार के अधीन स्वायत्त निकायों पर लागू होंगे.

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