हवाई अड्डों के आसपास निर्माण को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाने की मांग पर विचार से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कहा- यह सरकार के दायरे में आने वाला मसला

हवाई अड्डों के आसपास निर्माण को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाने की मांग पर विचार से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कहा- यह सरकार के दायरे में आने वाला मसला


देश के हवाई अड्डों के आसपास बढ़ते शहरी निर्माण को नियंत्रित करने पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. याचिकाकर्ता ने पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे का हवाला देते हुए एयरपोर्ट के आसपास निर्माण को लेकर नियम बनाए जाने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के नियम बनाने को नीतिगत विषय बताते हुए दखल देने से मना कर दिया.

पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान एयरपोर्ट से निकलने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गया था. विमान एक मेडिकल कॉलेज की इमारत पर गिरा. घटना में कुल 260 लोगों की मृत्यु हुई. इसमें विमान में सवार 241 लोगों के साथ ही मेडिकल कॉलेज के 19 डॉक्टर और छात्र भी शामिल थे.

दिल्ली के रहने वाले वकील शकील शेख ने याचिका दायर कर कहा था कि देश भर के हवाई अड्डों और उनके आसपास के इलाकों में शहरी विकास को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम मौजूद नहीं हैं. यह गंभीर खतरे की बात है. कोर्ट केंद्र सरकार के साथ ही डीजीसीए, एयरपोर्ट अथॉरिटी और तमाम संबंधित संस्थाओं को इस पर विचार कर कदम उठाने के लिए कहे.

मंगलवार, 16 जून को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने याचिका पर विचार से मना कर दिया. बेंच ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से नीतिगत दायरे में आता है. नीति और नियम बनाना सरकार का काम है. 

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कोर्ट ने यह संकेत दिया कि इस तरह के मामलों में लोगों को सीधे याचिका दाखिल करने की बजाय सरकार को ज्ञापन सौंपना चाहिए. चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता के लिए पेश वकील से सवाल किया कि क्या वह याचिका को वापस लेकर उचित फोरम में अपनी बात रखना चाहते हैं. जजों के रुख को देखते हुए वकील ने याचिका वापस ले ली.

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