- बिबीनगर एम्स स्वास्थ्य विस्तार का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार (8 जुलाई, 2026) को तेलंगाना के यदाद्री भुवनगरी के बीबीनगर में स्थित एम्स अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि जून 2022 में 1,110 करोड़ से ज्यादा के बजट के साथ मंजूर हुआ यह संस्थान चार साल के अंदर पूरी तरह चालू हो गया है. अब यहां 132 फैकल्टी सदस्य, 133 सीनियर रेजिडेंट, 24 MD ब्रांच और पांच DM/MCh स्पेशलिटीज काम कर रही हैं. साथ ही, इसका पहला MBBS बैच कोर्स पूरा कर चुका है और मुख्य विभागों में OPD सेवाओं में रोजाना 1,800 मरीज आते हैं.
भारत में इस वक्त 18 एम्स अस्पताल संचालित- नड्डा
जेपी नड्डा ने इस विस्तार को भारत के एम्स नेटवर्क के बड़े विकास के संदर्भ में देखा. उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के अंत तक नई दिल्ली में सिर्फ एक एम्स था, जब तक कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 2000 के दशक की शुरुआत में छह और एम्स नहीं जोड़े. वहीं, 2004 से 2014 के बीच रायबरेली में सिर्फ एक अतिरिक्त एम्स बना.
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से 19 नए एम्स संस्थानों को मंजूरी दी गई है, जिससे देश में कुल संख्या 23 हो गई है, इनमें से 18 अभी चालू हैं और बाकी निर्माणाधीन हैं. बीबीनगर के बारे में उन्होंने खास तौर पर बताया कि इन-पेशेंट केयर, इमरजेंसी सेवाएं और CT स्कैन, MRI और DEXA जैसी डायग्नोस्टिक सुविधाएं अब चालू हैं. इसके साथ ही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं भी चल रही हैं, जिनके जरिए 1,56,000 मरीजों ने दूर से ही सलाह ली है.
एम्स बीबीनगर में रिसर्च के लिए मंजूर किए गए 64 करोड़ रुपये- नड्डा
रिसर्च और आउटरीच के मोर्चे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘एम्स बीबीनगर ने रिसर्च ग्रांट के तौर पर लगभग 64 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. अभी 129 प्रोजेक्ट चल रहे हैं और अब तक फैकल्टी के 1,156 पब्लिकेशन हो चुके हैं.’
उन्होंने संस्थान के कम्युनिटी रेडियो स्टेशन का भी जिक्र किया, जिसे देश में अपनी तरह का पहला रेडियो स्टेशन बताया गया है. साथ ही, गोद लिए गए छह गांवों में आउटरीच का काम भी हो रहा है, जहां 547 मेडिकल कैंपों में कुल मिलाकर 66,148 मरीजों का इलाज किया गया है.
निर्माण कार्य की प्रगति पर बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
निर्माण कार्य की प्रगति पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘प्रोजेक्ट 87 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसके दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से तैयार हो जाने की उम्मीद है. पूरी फैकल्टी और रिसर्च बेस वाले टर्शियरी-केयर संस्थान को बनाना आमतौर पर एक दशक लंबी प्रक्रिया होती है और मौजूदा प्रगति यह दिखाती है कि संस्थान सही रास्ते पर है.’
जेपी नड्डा का दौरा क्यों महत्वपूर्ण?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार के बड़े संदेश का हिस्सा है. इसमें एम्स बीबीनगर को एक केस स्टडी के तौर पर पेश किया गया है कि कैसे कम समय में टर्शियरी-केयर संस्थान का विस्तार किया जा सकता है.
नड्डा की बातों में बीबीनगर कैंपस की मौजूदा स्थिति की जानकारी के साथ-साथ पिछले दशक में एम्स नेटवर्क के विकास का व्यापक आकलन भी शामिल था, जिसमें तेलंगाना के इस संस्थान को दक्षिण भारत में मेडिकल एजुकेशन, मरीजों की देखभाल और रिसर्च के उभरते केंद्र के तौर पर पेश किया गया.
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