भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अब तक इस डील में किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन्होंने इस डील को पूरी तरह बराबरी का बताते हुए कहा कि यह समझौता लगभग पूरा हो चुका है और समझौता फाइनल होने में 1 फीसदी की बस रुकावट है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच सामानों पर छूट और नॉन टैरिफ बैरियर को हटाने जैसे सभी मुद्दों को अंतिम रूप दे दिया गया है और बात अब सिर्फ बाजार में ज्यादा फायदा पर अटकी हुई है.
केंद्रीय मंत्री को किस बड़ी परेशानी का सामना पड़ा?
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ट्रेड डील की पूरी बातचीत के दौरान उनके और उनकी टीम के लिए एक इकलौता डरावना अनुभव दोनों देशों के बीच के टाइम डिफरेंस था. उन्होंने कहा, ‘इस वजह से मेरी टीम को देर रात तक जागना पड़ता था. इसके अलावा अमेरिकी टीम के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा.’
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जब पूछा गया कि क्या बातचीत के दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी या ‘नाइटमेयर’ का सामना करना पड़ा? इसके जवाब में उन्होंने हंसते हुए कहा, एक ऐसा अनुभव था, जिससे बहुत खुशी भी हुई और इससे बहुत कुछ सीखने वाला था. हमारे सामने एकमात्र मुश्किल ये थी कि दोनों देशों के बीच के टाइम डिफरेंस के कारण हमें कई बार रात-रात भर जागना पड़ा. मैं खुद देर से सोता हूं इसलिए मुझे ज्यादा दिक्कत नहीं हुई, लेकिन मेरी टीम और अधिकारियों को देर रात तक चलने वाली बैठकों के कारण थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी.’
दोनों पक्षों के बीच कभी नहीं रहा तनाव: गोयल
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में इंटरनेशनल इकोनॉमिक इमरजेंसी पावर्स एक्ट (IEEPA) टैरिफ को वहां के सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. अब वहां की सरकार को ऐसा कानूनी रास्ता खोजना है, जिससे वो भारत को उसके पड़ोसियों और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (जैसे वियतनाम, बांग्लादेश आदि) के मुकाबले अमेरिकी बाजार में ज्यादा प्राथमिकता दे सके.’ उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों की टीमों के बीच कभी कोई तनाव नहीं रहा और अमेरिकी समकक्षों के साथ उनके संबंध बेहद शानदार रहे हैं.
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार (30 जून 2026) को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और बातचीत का केवल अंतिम एक फीसदी हिस्सा ही बाकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेगा.
सर्जियो गोर का बयान
भारत में अमेरिकी राजदूत ने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा, ‘लोग पूछते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं. तुलना करें तो यूरोप के साथ व्यापार समझौते में 20 वर्ष लगे थे इसलिए जब तक हम यूरोपीय समझौते से पहले इसे पूरा कर लेते हैं, तब तक हम अच्छी स्थिति में हैं. हालांकि मैं इसे जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.’



