मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने आग्रीपाड़ा इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने दो पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, एक देसी कट्टा, 19 जिंदा कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की गई है. जब्त किए गए ड्रग्स और अन्य सामान की कुल कीमत 50 करोड़ 53 लाख 48 हजार 100 रुपये बताई जा रही है.
एंटी नारकोटिक्स सेल के डीसीपी नवनाथ ढवले ने ABP न्यूज़ को बताया कि 25 मई 2026 को एंटी नारकोटिक्स सेल की कांदिवली यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहम्मद शोएब शौकत अली मनसूरी और सुफियान सलीम मनसूरी नाम के दो युवक मुंबई में एमडी ड्रग्स तैयार कर उसकी सप्लाई कर रहे हैं. सूचना में बताया गया था कि आरोपियों ने आग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन के पीछे स्थित यासमीन टॉवर के फ्लैट नंबर 1004 में ड्रग्स और उससे जुड़ा सामान छिपाकर रखा है.
ढवले ने आगे बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने यासमीन टॉवर में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान मौके से मोहम्मद शोएब शौकतअली मनसूरी (33) और सुफियान सलीम मनसूरी (29) को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने फ्लैट में एमडी ड्रग्स और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन छिपाकर रखने की बात कबूल की. इसके बाद पुलिस ने फ्लैट की विस्तृत तलाशी ली.
तलाशी के दौरान पुलिस को करीब 6 किलो से ज्यादा मेफेड्रोन (एमडी), लगभग 8 किलो से ज्यादा लिक्विड एमडी, बड़ी मात्रा में 2-ब्रोमो नामक रसायन, एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य कच्चा माल, एक देसी कट्टा, 19 जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद हुए. पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है.
बंगाल की रहने वाली है आरोपी महिला
जांच के दौरान पुलिस को महिला आरोपी मामूनी सुनील सरकार (23) के बारे में जानकारी मिली. महिला आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक वह भी इस पूरे ड्रग्स रैकेट में सक्रिय रूप से शामिल थी. बाद में उसे भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद शोएब मनसूरी के खिलाफ मुंबई के अलग-अलग पुलिस थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें सायन, जे.जे. मार्ग, डीबी मार्ग, नागपाड़ा और भायखला पुलिस स्टेशन में दर्ज एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों के मामले शामिल हैं.
पुलिस ने अदालत को बताया है कि गिरफ्तार आरोपियों के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से संबंध होने की आशंका है. इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल कहां से मिलता था और तैयार ड्रग्स किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी. पुलिस को शक है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं.
तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 3 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य साथियों के बारे में गहराई से जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला आरोपी ए परिषद है कि वह बांग्लादेश की नागरिक है उसकी नागरिकता की भी जांच की जा रही है.
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