मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है. बीते लगभग 100 दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है. भारत भी इस स्थिति से पूरी तरह अछूता नहीं है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है.
देश में बढ़ती ईंधन कीमतों और तेल-गैस की उपलब्धता को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी एबीपी न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. इसके अलावा देश अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी गैस भी इसी मार्ग से आयात करता है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी निर्भरता के बावजूद भारत उन देशों में शामिल है जहां पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने दावा किया कि जापान के बाद भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे कम बढ़ाए हैं.
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तेल और गैस के बारे में हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?
तेल और गैस के भंडार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पूरी तरह तैयार है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि देश के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों के लिए तेल और गैस का रिजर्व मौजूद है. अगर सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट आती है, तब भी यह भंडार देश की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और आवश्यक सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फरवरी 2022 से लेकर अब तक भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुए उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिति को काफी हद तक संतुलित रखा है. सरकार ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखा और ईंधन की उपलब्धता में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है, लेकिन मौजूदा समय में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात नियंत्रण में हैं.
एलपीजी गैस की प्रोडक्शन में बढ़ोतरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मौजूदा वक्त में देश में घरेलू स्तर पर एलपीजी गैस की प्रोडक्शन बढ़ा दी गई है. पहले 32000 मेट्रिक टन प्रोडक्शन होता था, जो अब बढ़कर 54 हजार पहुंच गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस साल से भारत अमेरिका से एलपीजी गैस खरीद रहा है. इसके अलावा और भी कई देश है, जहां से गैस को खरीदा जा रहा है.
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