जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के भोपाल में दिए बयान को लेकर चौतरफा बवाल मचा है. जमीयत के राष्ट्रीय प्रबन्धक कमेटी के अधिवेशन में मदनी ने ना सिर्फ वंदे मातरम को लेकर विवादित बयान दिया बल्कि उन्होंने जिहाद की भी बात कहीं और सुप्रीम कोर्ट को भी कटघरे में खड़ा किया था. इस पर अब विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने पलटवार किया है.
विनोद बंसल ने रविवार (30 नवंबर) को कहा कि मदनी जैसे लोग मुस्लिम यूथ को जुल्म, जन्नत व जिहाद जैसे जुमलों में फांस कर जैश जैसे जानवरों की जमात में जमा कर देंगे. जैसे देश की राजनीति से भाई-भतीजावाद भाग रहा है, वैसे ही मुस्लिम समाज को भी कट्टरपंथी भारत विरोधी मानसिकता के भाई भतीजों से समय रहते किनारा करना होगा.
‘मुस्लिम यूथ को बरगला रहे हैं मदनी’
विहिप प्रवक्ता ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मदनी जैसे कौम के कथित रहनुमा अपनी तकरीरों से मुस्लिम यूथ को देश के संविधान, न्याय व्यवस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान पर आघात करते हुए तथाकथित जुल्म, जन्नत व जिहाद जैसे जुमलों में फांस कर जैश जैसे जानवरों की जमात में जमा कर देंगे. उन्होंने आगे कहा कि हलाल से हो रही हराम की कमाई से अपना घर भरकर आतंकी मदरसे चलाते हुए देशद्रोहियों को पालने वाले कुछ कट्टरपंथियों को लग रहा है कि वे ऐसा कर दुनिया में भारत की बदनामी से ही अपना नाम और पैसा कमा लेंगे, तो उनका यह दिवास्वप्न अब पूरा नहीं होगा.
क्या कहा था मौलाना महमूद मदनी ने ?
मौलाना महमूद मदनी ने वंदे मातरम को लेकर कहा था कि मुर्दा कौमों के लिए मुश्किल नहीं होती है, क्योंकि वह तो सरेंडर कर देती हैं. वह कहेंगे ‘वंदे मातरम’ पढ़ो तो पढ़ना शुरू कर देंगे, लेकिन यह पहचान होगी मुर्दा कौम होने की है. अगर जिंदा कौम है तो फिर हौसला बुलंद करना पड़ेगा और हालात का मुकाबला करना पड़ेगा. इसके अलावा मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी टिप्पणी की थी, जिसमें कई मामलों में खामोशी को लेकर उन्होंने कहा था कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा.
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