अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला थमने का नाम हीं नहीं ले रहा है. पूरा विपक्ष इस मामले को लेकर केंद्र में पीएम मोदी सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश की सीएम योगी की सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साध रही है. इस बीच चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों ने इस मामले में अपने किए पर बहुत पछतावा जताया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड अभी तक सामने नहीं आया है. न हीं उनके पास इस तरह की चोरी की प्लानिंग करने का कोई पुराना तजुर्बा है. ऐसे में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर अभी तक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को इस लेवल की चोरी की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का अनुभव नहीं था, तो आखिर इस चोरी की प्लानिंग किसके कहने पर हुई?
चंदा चोरी कांड के मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर देश के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के प्रतीक के रूप में स्थापित, जिसके निर्माण के लिए सैकड़ों सालों तक लोगों ने संघर्ष किया. वहीं, भगवान राम के मंदिर से दान की चोरी होना बेहद शर्मनाक घटना है और पुलिस इस चंदा चोरी कांड के मास्टरमाइंड की तलाश करने में पूरी तरह से जुटी हुई है.
मामले में अब अयोध्या पुलिस करेगी पूछताछ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से बनाई गई एसआईटी मामले की जांच कर रही है. अब अयोध्या पुलिस सोमवार (6 जुलाई, 2026) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी. बता दें कि अभी तक इस मामले में अयोध्या पुलिस ने गोपाल राव और अनिल मिश्रा से कोई सवाल-जवाब नहीं किया. वहीं, अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के लिए पुलिस प्रशासन से कठोर सजा देने की मांग की है.
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