Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मामला बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. एक वकील ने छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की. हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया और कहा कि अदालत का समय इस तरह बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए.
वकील ने पुलिस कार्रवाई का मामला उठाया
सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. उन्होंने अदालत को बताया कि छात्र NEET परीक्षा व्यवस्था में सुधार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इस मामले में अदालत से हस्तक्षेप करने की अपील की गई. मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. पीठ ने वकील से कहा, “आप अपना और हमारा समय बर्बाद कर रहे हैं.”
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वीडियो देखने से भी कोर्ट ने किया इनकार
सुनवाई के दौरान वकील ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े कुछ वीडियो अदालत को दिखाने की अनुमति मांगी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा, ‘हमें वीडियो देखने में कोई दिलचस्पी नहीं है.’
NEET सुधार से जुड़ा मामला पहले से लंबित
गौरतलब है कि NEET परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. उस मामले में अदालत केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जवाब मांग चुकी है. ऐसे में अदालत ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के इस नए आग्रह पर अलग से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.



